लखनऊ जिला कारागार में बिना कोविड निगेटिव रिपोर्ट के बंदी को जेल में दाखिल नहीं किया जा सकता और कोर्ट में आत्मसमर्पण करने वाले आरोपियों का कोविड टेस्ट नहीं हो रहा है। लिहाजा अब कोविड रिपोर्ट निगेटिव होने पर ही आरोपी कोर्ट में आत्मसमर्पण कर सकेगा।
इस संबंध में प्रभारी जिला जज ने एक प्रशासनिक आदेश पारित किया है। संयुक्त निदेशक अभियोजन ने बताया कि 28 जुलाई को एक शासनादेश पारित करके कहा गया था कि जेल में नए बंदियों की कोविड रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही उन्हें जेल में दाखिल किया जाए।
साथ ही कोर्ट से हिरासत में लेकर जेल भेजे गए आरोपियों का टेस्ट न होने के चलते जेल में बंद करने में परेशानी हो रही है।
जिला जज ने आगे कहा कि इस परिस्थिति को देखते हुए सभी अदालतों को निर्देशित किया जाता है कि वह कोविड टेस्ट नेगेटिव की रिपोर्ट होने पर ही किसी आरोपी का आत्मसमर्पण स्वीकार करें और आवश्यक कार्रवाई करें।