लखनऊ। राजधानी में कोविड-19 वायरस फिर संक्रामक होना शुरू हो गया है। एक माह पहले तक संक्रमित व्यक्ति अपने परिवार व संपर्क में आने वालों को संक्रमण नहीं फैला रहा था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। पिछले दो दिनों में सामने आए मामलों में संक्रमित के संपर्क में आए व्यक्ति भी पॉजिटिव मिले हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह खतरे की स्थिति है। इसलिए तीसरी लहर से बचने के लिए सावधानी और सतर्कता बेहद जरूरी है।
लखनऊ में कुछ दिन पहले जर्मनी से आये व्यक्ति के संक्रमित मिलने के बाद कॉटैक्ट ट्रेसिंग कराई गई थी। इसमें उसके घर का एक सदस्य भी संक्रमित मिला था। वहीं, शनिवार को मिले संक्रमण के सभी 13 मरीज कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में ही पॉजिटिव मिले हैं। इससे पहले अस्पताल में किसी इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों में ही वायरस मिल रहा था। मरीज में न तो वायरस के लक्षण दिख रहे थे न उनके परिवार या संपर्क वाला व्यक्ति संक्रमित हो रहा था। अब कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में केस मिलने से खतरा बढ़ गया है।
नया वैरिएंट छह गुना ज्यादा संक्रामक
कोविड-19 का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन पहले के मुकाबले छह गुना ज्यादा संक्रामक है। विशेषज्ञों के अनुसार इस वायरस का संक्रमितों में शरीर की कोशिकाओं के साथ अटैचमेंट ज्यादा देखा गया है। यही वजह है कि यह ज्यादा समय मरीज में रहता है और ज्यादा संक्रामक होता है। हालांकि, तीव्रता के बारे में अभी स्थिति साफ नहीं है।
सावधानी से कम कर सकते हैं असर
केजीएमयू के सेंटर फॉर एडवांस रिसर्च के डॉ. शैलेंद्र सक्सेना के अनुसार इतिहास बताता है कि हर महामारी में पहली के मुकाबले दूसरी लहर ज्यादा भयानक रही है। तीसरी लहर अपेक्षाकृत कम होती है, लेकिन इसका असर पड़ता है। फिलहाल के हालात इसी ओर इशारा कर रहे हैं। इसे पूरी तरह से रोकना संभव नहीं है, लेकिन सावधानी व सतर्कता से इसका असर कम किया जा सकता है। टीकाकरण पर जोर देने के साथ पूरे प्रोटोकॉल का पालन भी करना चाहिए।
पांच नए केस, इनमें से दो कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के
राजधानी में रविवार को कोरोना के पांच नए केस मिले। इनमें से दो लोग संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आकर पॉजिटिव हुए हैं। पहला मरीज हिमाचल प्रदेश से पंजाब होते हुए लखनऊ आया है। शुरुआती जांच में मरीज में कोरोना की पुष्टि नहीं हुई थी, शुक्रवार को लक्षण दिखने पर दोबारा जांच कराई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके अलावा बिहार से लौटे दो व्यक्ति संक्रमित मिले हैं। इन दोनों की जांच रेलवे स्टेशन पर हुई थी। इस समय लखनऊ में संक्रमण के कुल 44 सक्रिय मामले हैं। इनमें से दो मरीज केजीएमयू तथा एक पीजीआई में भर्ती है। सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल के अनुसार सभी संक्रमितों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कराई जा रही है। 70 से अधिक लोगों के सैंपल लेकर उन्हें होम आईसोलेशन में रखा गया है। दूसरे जनपदों से आए लोगों के नमूने जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजे गए हैं। इसके साथ ही सभी को टीका लगवाने तथा सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।