बताया गया कि कनिष्ठ लिपिक के पद पर अजीत कुमार श्रीवास्तव, सर्वेश कुमार सक्सेना और विनोद उपाध्याय को अनुत्तीर्ण पाया गया था और इन तीनों की टाइपिंग स्पीड परिवादिनी से कम थी। इसके बावजूद उन्हें नियुक्ति दे दी गई और परिवादिनी को अनुत्तीर्ण कर दिया गया था।
कहा गया कि आरोपियों ने मिलीभगत कर अपात्र अभ्यर्थियों को चयनित कर लिया और पात्र अभ्यर्थियों को अनुत्तीर्ण कर दिया था।