यूपी में पेट्रोल पंपों की घटतौली पर दर्ज आपराधिक मामलों में प्रदेश सरकार ने अब तक क्या जांच की है, यह जानकारी सोमवार को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्रदेश सरकार से मांगी है।
इस बाबत दायर एक जनहित याचिका में कहा गया था कि सरकार उचित कार्रवाई नहीं करके मामले को ठंडे बस्ते में डाल रही है। हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अशोक निगम व अन्य की ओर से यह याचिका दायर की गई थी।
इस केस में केंद्र व राज्य सरकार, बाट माप और खाद्य एवं रसद विभाग, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियम को पार्टी बनाया गया था। याची का कहना था कि प्रदेश सरकार ग्राहकों से ठगी करने वाले पेट्रोल पंपों पर समुचित कार्रवाई नहीं कर रही है।
उन्होंने प्रार्थना की थी कि ग्राहकों को पांच से 10 प्रतिशत तक कम पेट्रोल देने वाले पेट्रोल पंपों के लाइसेंस रद्द किए जाएं। वहीं, जो पेट्रोल पंप संचालक घटतौली के बाद भी हड़ताल की धमकियां दे रहे हैं उन पर एस्मा लगाया जाए।