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यूपी विधानमंडल में शर्मनाक हरकत, राज्यपाल पर फेंके कागज के गोले

Tue, 16 May 2017 02:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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राज्यपाल को कागज के गोलों से बचाते मार्शल - फोटो : amar ujala
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यूपी विधानमंडल के संयुक्त अधिवेशन में सोमवार को अभूतपूर्व हंगामा हुआ। राज्यपाल राम नाईक के आने से पहले ही विपक्षी सदस्य विधानसभा के वेल में आ गए। राष्ट्रगान पूरा होते ही उन्होंने सरकार और राज्यपाल के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
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सपा, बसपा, कांग्रेस व रालोद सदस्यों ने सरकार व राज्यपाल के खिलाफ नारे लिखीं तख्तियां, पोस्टर और बैनर लहराए। सपा सदस्यों ने राज्यपाल को निशाना बनाकर कागज के सैकड़ों गोले फेंके। राज्यपाल ने विपक्ष के हंगामे के बीच अभिभाषण पढ़ा। इस दौरान कुछ सदस्य सदन में सीटियां बजाते रहे।

17वीं विधानसभा के प्रथम सत्र के पहले दिन राज्यपाल राम नाईक को दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करना था। विधानसभा में उनके पहुंचने से पहले ही सपा और बसपा के सदस्य वेल में आ गए थे।
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सपा सदस्यों की अगुवाई अखिलेश यादव और रामगोविंद चौधरी तथा बसपा सदस्यों की अगुवाई लालजी वर्मा और सुनील चित्तौड़ कर रहे थे। 11 बजे राज्यपाल के आने पर राष्ट्रगान हुआ। इसके बाद राज्यपाल ने जैसे ही अभिभाषण पढ़ना शुरू किया, सपा व बसपा के सदस्यों ने पोस्टर, तख्तियां व बैनर लहराते हुए जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।

राज्यपाल को कागज के गोलों से बचाते मार्शल

अपना अभिभाषण पढ़ते राज्यपाल राम नाईक - फोटो : amar ujala
कुछ देर बाद कांग्रेस व रालोद के सदस्य भी वेल में आ गए। विपक्षी सदस्य हाथों में ‘राज्यपाल आंखें खोलो, अपराध बढ़े हैं, कुछ तो बोलो’, ‘गुंडे-माफिया सरकार चलाएं, थाने के अंदर कुकृत्य कराएं’, ‘किसानों का पूरा कर्ज माफ करो, किसानों से धोखाधड़ी बंद करो’, ‘झूठ-फरेब की यह सरकार नहीं चलेगी-नहीं चलेगी’, ‘राज्य कर्मचारियों, शिक्षकों की पुरानी पेंशन बहाल करो’, ‘ब्याज समेत गन्ना मूल्य भुगतान कराओ’, ‘समाजवादी पेंशन बहाल करो’, ‘भगवा ब्रिगेड की गुंडागर्दी नहीं चलेगी’, ‘गोरक्षा के नाम पर गुंडागर्दी बंद करो’, ‘दलितों, पिछड़ों व अल्पसंख्यकों पर अत्याचार बंद करो ’ जैसे नारे लिखे पोस्टर व तख्तियां लिए हुए थे।

उन्होंने राज्यपाल वापस जाओ और सरकार के खिलाफ लगातार नारेबाजी जारी रखी।

सपा सदस्यों ने कागज के टुकड़े फेंके

- फोटो : amar ujala
हंगामे के दौरान राज्यपाल अभिभाषण पढ़ रहे थे तो विपक्षी, खास तौर से सपा सदस्यों ने उनकी तरफ कागज के गोले फेंकने शुरू कर दिए। यह सिलसिला लगातार चलता रहा।

मार्शल और विधानसभा के सुरक्षाकर्मी कोशिश करते रहे कि राज्यपाल को गोला न लगे। एक मार्शल कागज के गोलों से बचाव के लिए उनके पास ही खड़ा रहा। बाकी सुरक्षाकर्मी वेल में ही विपक्षी सदस्यों से जूझते रहे। करीब 35 मिनट तक राज्यपाल ने अभिभाषण पढ़ा।

कहा कि जो हिस्सा पढ़ने से रह गया है, उसे पढ़ा मान लिया जाए। हंगामे के बीच ही विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित ने सदन में आने के लिए राज्यपाल का आभार जताया।

पूरा यूपी देख रहा है, आप क्या कर रहे हैं
राज्यपाल ने अभिभाषण के दौरान हंगामे पर विपक्षी सदस्यों को टोका भी। कहा, पूरा उत्तर प्रदेश देख रहा है, आप क्या कर रहे हैं? उनका आशय दूरदर्शन पर कार्यवाही के लाइव प्रसारण से था। इसके बावजूद विपक्षी सदस्य शांत नहीं हुए।

पहली बार कागज के इतने गोले चले

विधानसभा में आम तौर पर राज्यपाल के अभिभाषण का विपक्षी दल विरोध करते हैं। भाजपा भी जब विपक्ष में थी तो उसने राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध किया था लेकिन राज्यपाल की तरफ इतनी बड़ी संख्या में कागज के गोले शायद पहली बार फेंके गए। कुछ सदस्यों ने कागज के हवाई जहाज बनाकर भी उनकी तरफ उड़ाए।

अभिभाषण के दौरान बजती रही सीटी
सपा के विधान परिषद सदस्य राजेश यादव उर्फ राजू सीटी लेकर सदन में आए थे। अभिभाषण शुरू होते ही उन्होंने सीटी बजानी शुरू कर दी।

वह लगभग 35 मिनट तक राज्यपाल के अभिभाषण पढ़ने के दौरान सीटी बजाते रहे। कई पुराने सदस्यों ने बताया कि सीटी बजाकर विरोध पहली बार दर्ज कराया गया है।
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जय हिंद, भारत माता की जय, वंदे मातरम

राज्यपाल ने अभिभाषण का समापन ‘जय हिंद’ से किया। इसके बाद तीन बार ‘भारत माता की जय’ और तीन बार ‘वंदे मातरम’ बोला।

भारत माता की जय और वंदेमातरम का भाजपा सदस्यों ने भी उद्घोष करके जवाब दिया।

अभिभाषण पढ़ने के दौरान भी भाजपा सदस्यों ने कई बार मेजें थप-थपाकर उनका स्वागत किया। हंगामे के दौरान भाजपा सदस्य शांत बैठे रहे।
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