कोर्ट से जमानत पाने वाले हर आरोपी को अब जमानत से पहले स्वयं और जमानतदार का मोबाइल फोन नंबर कोर्ट में दर्ज कराना होगा।
इतना ही नहीं पुलिस की ओर से कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने तक आरोपी को हर माह कोर्ट में हाजिर होना होगा। आरोपी को यह हाजिरी उस तारीख को लगानी होगी, जिस तारीख पर वह रिहा हुआ था।
जिला जज केके शर्मा ने मुकदमों की शीघ्र सुनवाई के लिए मंगलवार को यह प्रशासनिक आदेश जारी कर सभी पीठासीन अधिकारियों को इसका पालन करने का निर्देश दिया।
प्रशासनिक आदेश में कहा गया है कि आरोपियों और उनके जमानतदारों को जमानत प्रपत्र पर अपने मोबाइल नंबर लिखने होंगे। यदि इन मोबाइल नंबरों में कोई परिवर्तन होता है तो आरोपी इसकी सूचना तत्काल कोर्ट को देगा।
आदेश को सभी अदालतों को अनुपालन के लिए भेजते हुए जिला जज ने यह भी कहा है कि यदि किसी मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी कोर्ट में हाजिर नहीं होता है।
लेकिन मुकदमे में कोई गवाह आ जाए और आरोपी का वकील गवाह से जिरह नहीं करे तो आरोपी के जमानतनामे खारिज कर दिए जाएंगे।