सौ रुपये लेकर घर से निकली थी शिवानी
प्रभारी निरीक्षक ने दोनों के मोबाइल फोन से परिवारीजनों को संपर्क किया। विकासनगर के सेक्टर-3 निवासी अजय नारायण दुबे ने बताया कि स्नातक की छात्रा शिवानी सुबह 10 बजे सौ रुपये लेकर कॉलेज जाने की बात कहकर घर से निकली थी। देर शाम तक न लौटने पर कॉल की। मोबाइल फोन बंद होने पर तलाश करने जा ही रहे थे कि पुलिस का फोन आ गया। वे परिवारीजन के साथ विकासनगर थाने पहुंचे। अजय नारायण ने शिवानी की शादी की जानकारी से भी इनकार किया।
तंगहाली का शिकार था राकेश
बाराबंकी से आननफानन पहुंचे राकेश के भाई अयोध्या प्रसाद यादव ने बताया कि परिवारीजन की मर्जी के खिलाफ राकेश ने शादी की थी और किराये पर रहकर केजीएमयू के किसी अधिकारी की गाड़ी चलाता था। वेतन मिलने में देरी से तंगहाली का शिकार था। मकान मालिक दान सिंह ने पुष्टि करते हुए कहा कि राकेश ने तीन महीने से किराया नहीं दिया था, लेकिन वेतन मिलने पर एकमुश्त भुगतान कर देता था।
कमरे के नजारा देख चकराई मकान मालकिन
तारा ने पुलिस को बताया कि वह देर शाम बेटी के साथ बाजार जाने की तैयारी में थीं। इस दौरान वह प्रथम तल पर शिवानी का हाल जानने चली गईं। उन्होंने दोपहर 1:30 बजे दोनों को घर आते देखा था। भीषण गर्मी में कूलर बंद होने पर माजरा जानने को दरवाजे को धक्का मारा तो नजारा देखकर होश उड़ गए। बिस्तर पर दोनों के खून से लथपथ शव थे। इस पर उन्होंने शोर मचाकर बेटी व अन्य लोगों को बुलाया और पुलिस को फोन किया।