पार्टी सूत्रों के मुताबिक, हार की समीक्षा के दौरान इन बिंदुओं पर गंभीरता से मंथन हुआ। तय हुआ कि यूपी में कांग्रेस संगठन की पूरी तरह ओवरहॉलिंग कर दी जाए। पहले ग्राम पंचायत व वार्ड स्तर पर सदस्य बनाए जाएं, उसके बाद इन्हीं में से ब्लॉक व तहसील स्तरीय कमेटियों का चुनाव हो।
यही कमेटियां जिला व महानगर कमेटी के सदस्यों व अध्यक्षों का चयन करें। उसके बाद जिलास्तरीय कमेटियों के सदस्य प्रदेशस्तरीय कमेटी के सदस्यों का चयन करेंगे।
हाईकमान का मानना है कि मतदान के माध्यम से कमेटियों के गठन से जमीनी और सक्रिय नेता ही आगे आएंगे। चुनाव की यही प्रक्रिया फ्रंटल संगठनों पर भी लागू होगी।
राज बब्बर अभी बने रहेंगे प्रदेश अध्यक्ष
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि सांगठनिक चुनाव संपन्न होने तक राज बब्बर प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे। हालांकि, शेष फ्रंटल संगठनों की कमेटियों को भंग किए जाने की पूरी संभावना है।