केजीएमयू में गांधी वार्ड के आईसीयू में बृहस्पतिवार को आग लगने से कई उपकरण फूंक गए।
आग के कारण आईसीयू वार्ड में लगे दो वेंटिलेटर कंप्यूटर, मानीटर और दूसरे उपकरण समेत पचास लाख रुपये से ज्यादा के उपकरण जल गए।
घटना का कारण जनरेटर रूम में शॉर्ट सर्किट होना बताया जा रहा है। हालांकि इसमें किसी मरीज को कुछ नुकसान की सूचना नहीं है।
बताया जा रहा है कि दिन में आई आधी के कारण गांधी वार्ड के बाहर लगे तार में स्पार्किंग हो गई और आईसीयू की वायरिंग में अचानक आग लग गई।
कुछ देर में ही पूरे वार्ड में धूआं फैल गया और अफरातफरी मच गई।
जब तक वार्ड में तैनात कर्मचारी कुछ समझ पाते तब तक वार्ड में लगे वेंटिलेटरों से भी धूआं उठने लगा।
मौके पर राउंड कर रहे डॉक्टरों ने जूनियर डॉक्टरों और कर्मचारियों की मदद से वार्ड में भर्ती 10 गंभीर मरीजों को बाहर निकाल कर हाई डिपेंडेसी यूनिट में शिफ्ट किया।
केजीएमयू प्रशासन के पास आग पर काबू पाने के लिए कोई इंतजाम ही नहीं था। किसी तरह से कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों ने तीमारदारों के साथ मिल कर आग पर काबू पाया गया।
घटना की सूचना पाकर आईसीयू प्रभारी समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने घटना में हुए नुकसान का जायजा लिया। देर शाम वेंटिलेटर, एसी और अन्य उपकरणों को दुरूस्त करने की कवायद शुरू हो गई।
उधर, पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के न्यू टीबी वार्ड में भी शार्ट सर्किट के कारण आग लग गई। जब आग लगी उस समय वरिष्ठ चिकित्सक उसी वार्ड में राउंड ले रहे थे। शार्ट सर्किट के साथ पहले तो वायरिंग से धुआं निकला जो कि कुछ देर बाद ही आग में तब्दील हो गया।
कर्मचारियों ने छह मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया। इसके कारण एक घंटे तक वार्ड में आफरा-तफरी मची रही।
अस्पताल के सीएमएस प्रो. एसएन शंखवार ने बताया कि आंधी की वजह से घटना हुई थी। लेकिन किसी मरीज को कुछ नुकसान नहीं हुआ है। गड़बड़ियों को दूर कराया जा रहा है।