कफ सिरप सिंडिकेट के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के परिजनों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ईडी ने शुभम की बहन और मां को बीते दिनों पूछताछ के लिए तलब किया था, हालांकि वह उसके कारोबार के बारे में कोई भी पुख्ता जानकारी नहीं दे सकीं। इसके बाद ईडी के अधिकारियों ने फर्मों से संबंधित दस्तावेजों, बैंक खातों और संपत्तियों की जानकारी के साथ दोबारा तलब किया है।
बता दें कि शुभम ने अपने परिजनों के नाम पर भी कई फर्जी फर्में खोलकर कफ सिरप की तस्करी की थी। इसी वजह से उसके परिजनों को तलब करना शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा वाराणसी के एक कैटरर को भी ईडी ने पूछताछ के लिए तलब किया है। ईडी को जानकारी मिली है कि उसने बैंक से कम ब्याज पर करीब 50 लाख रुपये का कर्ज लिया था, जिसके बाद ज्यादा ब्याज पर उसे शुभम को दे दिया था। अब उससे शुभम के साथ किए गये लेन-देन के बारे में पता लगाया जाएगा। ईडी ने उसे इसी हफ्ते पेश होने को कहा है।
नरवे ने भी खोली 20 फर्में
वहीं दूसरी ओर वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट द्वारा गिरफ्तार किए गये आजमगढ़ निवासी विकास सिंह नरवे द्वारा भी अपने परिजनों के नाम पर 20 फर्में खोलने के सुराग मिले हैं। इनमें से कुछ लोगों को नरवे कफ सिरप की तस्करी से मिलने वाली रकम का कुछ हिस्सा भी देता था। हालांकि उनके बैंक खातों का पूरा कंट्रोल उसके पास ही था। अब ईडी उससे जेल में पूछताछ करने की तैयारी में है।