राजधानी लखनऊ में गो आश्रय स्थल में गोवंश के चारे, चोकर, चूनी व भूसे की आपूर्ति में किस तरह भ्रष्टाचार हो रहा है। इसकी तस्दीक प्रधान, सचिव व आपूर्तिकर्ता की बहस का एक वायरल ऑडियो खुद ही तस्दीक कर रहा है। फिलहाल मामले में बीडीओ ने कार्रवाई की बात कही है। हालांकि, अमर उजाला वायरल ऑडियो की हकीकत की पुष्टि नहीं करता।
वायरल ऑडियो में सचिव चारा आपूर्ति करने वाले एक व्यक्ति को सजातीय होने का हवाला देते हुए चूनी, चोकर, हरे व सूखे चारे की आपूर्ति में बने 80 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। इसमें कहा, ठेका दिलाया लेकिन फिर भी कमीशन फंसा दिया। इसके बाद चारा आपूर्ति करने वाले व्यक्ति ने कथित प्रधान को फोन मिलाकर कमीशन फंसाने का आरोप लगाया। कथित ग्राम प्रधान ने कहा, एक गाड़ी चारा 30 हजार का होता है, लेकिन 40 हजार देने की बात कही।
जानकार बताते हैं कि अगर जांच हो तो इलाके में बड़े चारा घोटाले का खुलासा हो सकता है। ग्राम पंचायत, ब्लॉक से लेकर जिले पर बैठे लोग बेनकाब हो सकते हैं। गो आश्रय केंद्रो तक चूनी चोकर पहुंचता ही नहीं। लेकिन हर महीने एक से डेढ़ लाख रुपये के फर्जी बिल लगाकर रकम का बंटवारा किया जा रहा है।
खुजौली के ग्राम पंचायत सचिव अकरम अंसारी ने बताया कि चारा आपूर्ति करने वाले इबरार से हमने कमीशन नहीं मांगा। पूर्व प्रधान ने इबरार को परेशान किया था। इसलिए हमने अपने कार्यकाल में काम दिला दिया था।