लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के प्रमुख प्रो. हैदर अब्बास के अनुसार, उच्च रक्तचाप के रोगियों को सर्दी शुरू होते ही अपनी जांच करानी चाहिए। जांच के आधार पर अगर उनकी दवाई में कोई बदलाव है तो उसके हिसाब से ही सेवन करें। ऐसा करके वे स्ट्रोक के खतरे से बच सकते हैं।
प्रो. अब्बास ने बताया कि सर्दी के मौसम में हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक दोनों के मामले काफी अधिक होते हैं। असल में सर्दी के मौसम में पसीना कम निकलता है। ठंड से रक्त वाहिकाएं सिकुड़ती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है। इस वजह से खून गाढ़ा हो जाता है और थक्के बनने लगते हैं, जो मस्तिष्क में रक्त प्रवाह रोक सकते हैं। इसका मतलब ठंड के मौसम में बीपी बढ़ने की समस्या होती है।
वहीं, ज्यादातर लोग पहले से चली आ रही दवाओं की खुराक ही लेते रहते हैं। बीपी बढ़ने की स्थिति में उनकी खुराक नहीं बढ़ाई जाती है। इससे उन्हें स्ट्रोक का जोखिम रहता है। इसलिए दोबारा जांच कराकर दवाएं लेने पर बीपी नियंत्रण में रहता है।
खतरनाक है तापमान में अचानक बदलाव
प्रो. हैदर अब्बास के मुताबिक, ऐसा देखा गया है कि लोग रजाई से निकलकर सीधे ठंडे पानी से नहा लेते हैं। ऐसा करना काफी खतरनाक है। इसलिए हमें पहले शरीर को बाहरी तापमान के हिसाब से अभ्यस्त होने के लिए कुछ समय देना चाहिए। ऐसा करने से भी हम खुद का बचाव कर सकते हैं।
ऐसे करें सर्दी से बचाव
-सर्दी के मौसम में कई पर्त में कपड़े पहनें
- नियमित रूप से धूप लें
- गर्म सूप या फिर गर्म पेय का सेवन करें
- सर्दी मे सुबह जल्दी उठकर टहलने से बचें
- घर पर ही हल्का-फुल्का व्यायाम करते रहें
- दालचीनी, अदरक, हल्दी, बाजरा और सूखे मेवे जैसे गर्म तासीर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें