भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव प्रकाश करात ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में 50 प्रतिशत वोट नहीं मिल पाएंगे इसलिए तीसरा मोर्चा बन सकता है।
यह मोर्चा वैकल्पिक नीतियों के आधार पर बनेगा।
उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर हिंदू-मुस्लिमों के बीच झगड़ा कराने और कॉरपोरेट घरानों पर नरेन्द्र मोदी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
प्रकाश करात बुधवार को यहां वामदलों की जनसंघर्ष रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में हर दिन, हर साल महंगाई बढ़ रही है।
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केंद्र की नीतियों के चलते देश जिस हालात में पहुंच गया है, वैसा आजादी के बाद पहले कभी नहीं रहा। किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
2001 से 2011 के बीच 35 फीसदी किसानों की जमीन छीनी गई। वे खेतिहर मजदूरों में बदल गए हैं।
कांग्रेस, भाजपा और दूसरी पूंजीवादी पार्टियां ऐसी नीति अपनाती हैं जिससे बड़े पूंजीपतियों, विदेशी पूंजी को मुनाफा कमाने का मौका मिले।
ये दल सांप्रदायिक विभाजन कर जनता की एकता इसलिए तोड़ते हैं कि पूंजीपतियों का हित साधने वाली नीतियां आसानी से लागू की जा सकें।
करात ने कहा, जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएगा, यूपी में सांप्रदायिक राजनीति बढ़ेगी। मुजफ्फरनगर दंगा इसका उदाहरण है।
किसानों, मजदूरों को एकजुट होकर ऐसी साजिशों को नाकाम करना होगा। बार-बार गुजरात मॉडल और मोदी की बातें कही जा रही हैं।
यह मॉडल टाटा, अंबानी जैसे बड़े पूंजीपतियों को मुफ्त में जमीन देने और गरीबों की कीमत पर सस्ती बिजली और टैक्स में छूट देने का है।
वामपंथी पार्टियां वैकल्पिक नीतियों के लिए संघर्ष कर रही हैं। तीसरा मोर्चा भी इन्हीं के आधार पर बनेगा।
भाजपा व कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में तीन सौ सीटें नहीं मिल पाएंगी। दोनों के वोट मिलकर भी 50 प्रतिशत से कम रहेंगे।
ऐसे में तीसरे मोर्चे की गुंजाइश है। उन्होंने सभी जनवादी और सेकुलर ताकतों से सांप्रदायिकता के खिलाफ संघर्ष में सहयोग मांगा।
फारवर्ड ब्लाक के महासचिव देवव्रत विश्वास ने कहा, चुनाव नजदीक आते ही जनता को भ्रमित करने के लिए जाति-धर्म में बांटने का काम शुरू हो गया है।
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कांग्रेस व भाजपा की नीतियों में खास अंतर नहीं है। वामदल नीतियों को बदलने की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने मोदी के साथ ही ममता बनर्जी को भी निशाने पर रखा।
रैली को पूर्व सांसद सुभाषिनी अली, प्रेमनाथ राय, लाल बहादुर सिंह, सीटू के राष्ट्रीय सचिव जीएस मजूमदार, शिवनारायण सिंह, दिनकर कपूर और अजीत सिंह यादव ने भी संबोधित किया।
सपा ने कमजोर की मोदी के खिलाफ लड़ाई
आईपीएस के संयोजक अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा, हिटलर का पुराना रास्ता अपनाते हुए कारपोरेट घराने नमो-नमो का जाप कर रहे हैं।
मोदी का देश के लिए क्या योगदान है? गुजरात का किसान और मजदूर बुरी हालत में है। मुजफ्फरनगर दंगे पर उन्होंने कहा कि सपा ने सांप्रदायिकता और मोदी के खिलाफ लड़ाई को प्रदेश में कमजोर किया है।
माकपा दंगा पीड़ितों को देगी 87 लाख
करात ने बताया कि माकपा की पश्चिम बंगाल और केरल इकाई ने मुजफ्फरनगर दंगा पीड़ितों के लिए 87 लाख रुपये एकत्र किए हैं।
सुभाषिनी और डीपी सिंह की अगुवाई में माकपा नेता इस धन को गरीब कारीगरों के औजार खरीदने, बेघर लोगों को बसाने और पीड़ितों की मदद पर खर्च करेंगे।