पीजीआई प्रशासन में सामान्य मरीजों का पंजीकरण नहीं होगा। नई ओपीडी में 50 प्रतिशत मरीजों का रजिस्ट्रेशन रोका गया। वहीं पंजीकरण भी सुबह 10:30 तक होगा। ओपीडी दोपहर एक बजे तक चलेगी। सीएमएस डॉ. अमित अग्रवाल के मुताबिक, संस्थान में अति गंभीर व इमरजेंसी मरीजों के ऑपरेशन होंगे।
बाकी रूटीन में होने वाले ऑपरेशन टाल दिए गए हैं। पीजीआई निदेशक प्रोफेसर डॉ.आरके धीमान ने बताया कि कोराना वायरस का असर रोकने के लिए लोगों का मूवमेंट रोकना जरूरी है। सर्जरी के विभागों से जुड़े मरीजों को 31 मार्च के बाद की तारीख दी जा रही है।
सर्जरी की जानकारी के लिए इन नंबरों पर संपर्क करें:
0522- 2494000, 2495000, 2496000
बंद हो सकती है ओपीडी
पीजीआई की फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष डॉ. पीके प्रधान और सचिव डॉ. संदीप साहू ने शुक्रवार को पीजीआई प्रशासन से मांग की है, संस्थान में सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं चलाई जाएं।
सरकारी अस्पतालों में ओपीडी व पर्चा काउंटर भी दो घंटे पहले बंद हो जाएगा। मरीजों को एक के बजाय दो हफ्ते की दवा दी जाएगी ताकि वे अस्पताल आने से बचें। बलरामपुर अस्पताल ने यह व्यवस्था लागू कर दी है। सभी सरकारी अस्पतालों को भी निर्देश हैं।
सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. डीएस नेगी ने बताया कि जुकाम-बुखार के मरीजों के लिए अलग से काउंटर बनाया गया है। यहीं पर पर्चा बनाने से लेकर जांच व उपचार किया जा रहा है। मरीजों को अस्पताल में अलग रखा जा रहा है।
सीएमओ कार्यालय में मंडलीय मेडिकल बोर्ड बंद
सीएमओ कार्यालय में हर हफ्ते होने वाले मंडलीय बोर्ड को कोरोना वायरस से बचाव के लिए बंद कर दिया गया है। सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल का कहना है कि अगले आदेश तक मंडलीय बोर्ड का काम नहीं होगा। वहीं विकलांग बोर्ड को भी बंद करने की तैयारी है। सीएमओ कार्यालय में हर हफ्ते मंडलीय बोर्ड होता है। इसमें सैकड़ों की तादाद में अभ्यर्थी अपना मेडिकल कराने आते हैं।
केजीएमयू को कोरोना का नोडल सेंटर बनाया गया है। मेडिसिन विभाग में मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। माइक्रोबायोलॉजी में बड़ी संख्या में जांच के सैंपल आ रहे हैं। दोनों विभागों में संविदा पर अतिरिक्त स्टाफ रखा जाएगा।
केजीएमयू की गुरुवार को कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट की अध्यक्षता में हुई कार्य परिषद की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। कार्य परिषद ने कहा कि कोरोना वायरस को लेेकर जब तक संक्रमण का खतरा है तब तक संस्थान के डाॅक्टरों व कर्मचारियों के अवकाश निरस्त किए गए हैं।
आकस्मिक अवकाश दिए जा सकते हैं। एमबीबीएस, बीडीएस, बीएससी नर्सिंग और पैरामेडिकल की शैक्षणिक कक्षाएं एवं परिक्षाएं आगामी 2 अप्रैल तक स्थगित की गई हैं। केजीएमयू के सीएफएआर विभाग एवं बाल शल्य विभाग में कार्यरत दो डाक्टरों के खिलाफ जो आरोप लगे हैं उसकी जांच आख्या आ चुकी है। जांच में आरोपों को सही पाया गया है।
संक्रमित रोगियों के उपचार को मेडिसिन एवं माइक्रोबायोलॉजी विभाग में अतिरिक्त स्टाफ रखा जाएगा। नेत्ररोग विभाग में एकुलर प्रोस्थिेसिस सर्विस को प्रायोगिक रूप से शुरू करने की अनुमति दी गई है। दंत संकाय के आर्थोडोंटिक्स डेंटोफेशियल आर्थोपेडिक्स विभाग, प्रोस्थोडोंटिक्स एंड क्राउन ब्रिज विभाग, पेडोडोंटिक्स एंड प्रेवेंटिव डेंटिस्ट्री, ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी, कंजरवेटिव डेंटिस्ट्री एंड एंडोडोंटिक्स तथा पेरियोडोंटोलॉजी विभाग में शैक्षणिक सत्र 2020-21 से डेंटल काउसिंल ऑफ इंडिया द्वारा विभाग में एमडीएस की 4 सीटों से बढ़ाकर 6 सीटें कर दी हैं
रात में होने वाली इमरजेंसी जांचें ठप
सरकारी अस्पतालों में अब रात में होने वाली इमरजेंसी जांचें बंद हो गई हैं। इस आदेश के जारी होने के बाद से बलरामपुर, सिविल, रानी लक्ष्मीबाई, बीआरडी महानगर, लोकबंधु समेत अन्य महिला अस्पतालों में रात में इमरजेंसी में होने वाली जांचें बंद हो गई है।