112 डायल के अब तक सात कर्मचारी पॉजिटिव पाया जा चुके हैं। यहां से भी 35 लोगों की जांच की जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, संक्रमितों के सीधे संपर्क में रहने वाले 50 लोगों के नमूने लिए गए हैं।
एंबुलेंसकर्मी भी पॉजिटिव
पहली बार 17 मई को सीएमओ कार्यालय में लगा 108 एंबुलेंसकर्मी पॉजिटिव पाया गया था। नौ जून को दो पॉजिटिव आए थे। रविवार को भी एंबुलेंस कार्यालय में कार्यरत एक कर्मचारी संक्रमित मिला है। हालांकि वह सप्ताहभर से कार्यालय नहीं आ रहा था। फिर भी स्वास्थ्य विभाग ने 108 एंबुलेंस से जुड़ी कंपनी के अधिकारियों को सीधे संपर्क वालों की सूची मांगी है। कंपनी में 1200 से अधिक लोग कार्यरत हैं।
पहली बार 18 मार्च को केजीएमयू का रेजिडेंट पॉजिटिव आया था। 26 अप्रैल को यहां की नर्स भी पॉजिटिव मिली। इसके बाद दो अन्य कर्मचारी और एक रेजिडेंट की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसी तरह लोकबंधु अस्पताल का एक डॉक्टर, चिनहट सीएचसी के दो कर्मचारी, लोहिया संस्थान का एक कर्मचारी, रामसागर मिश्रा अस्पताल के दो डॉक्टर, तीन नर्स और एक टेक्नीशियन पॉजिटिव मिल चुका है।
इसी तरह निजी अस्पतालों के 26 लोग संक्रमित मिल चुके हैं। रविवार को केजीएमयू लारी कार्डियोलॉजी और झलकारी बाई महिला अस्पताल की एक नर्स पॉजिटिव मिली है। पीजीआई के दो कर्मचारी भी पॉजिटिव पाए गए हैं। कोरोना वार्ड में ड्यूटी करने वाले डॉक्टर व कर्मचारियों का आंकड़ा 2000 से अधिक बताया जा रहा है। रेंडम सर्वे में 105 की जांच की गई है।
दो दिन पहले जल निगम में कार्यरत एक महिला कर्मचारी भी पॉजिटिव पाई गई है। हालांकि अभी तक यहां कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग नहीं हो पाई है।
घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। सरकारी एवं निजी अस्पतालों में कोरोना से बचने को प्रशिक्षण भी कराए गए हैं। जहां भी मरीज मिल रहे हैं उनके सीधे संपर्क में आने वालों के बारे में जानकारी जुटाकर सैंपलिंग की जा रही है। विभिन्न प्रतिष्ठानों में बड़ी संख्या में पॉजिटिव मिलने की वजह यह है कि वह सभी साथ-साथ रहते हैं। टीमें कार्यालयों से लेकर मोहल्लों में जाकर सचेत कर रही हैं। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क को अपनाकर कोरोना से निपटा जा सकता है। - डॉक्टर नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ