बलरामपुर। कोरोना महामारी ने कई परिवारों को तबाह किया है। महामारी के चलते प्रभावित बच्चों की सुरक्षा व देखभाल के लिए समाज के लोगों को अपना हाथ बढ़ाना होगा। धर्मगुरुओं ने शनिवार को महिला एवं बाल विकास विभाग व यूनीसेफ की तरफ से आयोजित वर्चुअल धर्मगुरु सम्मेलन में अपील की।
वर्चुअल संवाद के दौरान यूनीसेफ की चीफ ऑफ फील्ड ऑफिस रूथ लीयनो ने कहा कि कोरोना महामारी में बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य व पोषण आदि सब कुछ प्रभावित हुआ है। महामारी के कारण जिन बच्चों ने अपने माता-पिता अथवा दोनों में से किसी एक को खोया है, उनके लिए यह समय और भी चुनौतीपूर्ण है। ऐसे बच्चों को विशेष देखभाल व स्नेह की जरूरत है। धर्मगुरुओं से टीकाकरण को बढ़ावा देने में सहयोग करने की अपील की।
महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देश मनोज कुमार राय ने कहा कि कोरोना प्रभावित बच्चों के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की शुरुआत की गई है। योजना से कोरोना प्रभावित बच्चों को मदद मुहैया कराई जाएगी। कोरोना प्रभावित बच्चों की जानकारी 1098 अथवा 181 पर साझा करें जिससे बच्चों को गलत हाथों में पड़ने से रोका जा सके। मनकामेश्वर मठ लखनऊ की महंत दिव्या गिरि ने कहा कि महामारी के कारण भय का वातावरण है। बच्चों के साथ ही बड़े भी अपनों को खोने के बाद भयभीत है। मानसिक रूप से टूट चुके हैं। हम सभी का दायित्व है कि उनकी मदद के लिए अपना हाथ बढ़ाए। माता-पिता की मृत्यु के बाद कोई भी बच्चा गलत व्यक्ति अथवा संस्थान के पास न जाए। प्रत्येक प्रभावित बच्चा सरकार की तरफ से चलाई जा रही योजनाओं का लाभ लें। शाही इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंग महली, संत बाबा प्रीतम सिंह, फादर वरगिर कुन्नाथ सहित 800 धर्मगुरुओं ने वर्चुअल संवाद में शामिल होकर अपने विचार व्यक्त किए।