आरबीआई के रिपोर्ट का हवाला देते हुए अर्थशास्त्री प्रो. एपी तिवारी बताते हैं कि कोरोना महामारी के दौर में राज्य सरकारें पूंजीगत खर्च में कमी कर राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही हैं।
पूंजीगत खर्च घटने का मतलब है कि विकास व रोजगार के अवसर पर असर पड़ना। हालांकि आरबीआई ने राज्य सरकारों को इस दौरान कुछ शर्तों के साथ अतिरिक्त ऋण लेने की छूट दी है। यूपी सरकार को इसका लाभ उठाने पर गौर करना चाहिए।
इससे पूंजीगत खर्च के लिए बजट की अतिरिक्त व्यवस्था हो सकेगी और रोजगार के अवसर बनते रहेंगे। दूसरा, सरकार मौजूदा हालात में नए पद सृजित नहीं कर सकती है। उसे खर्च में संतुलन बनाना है। मगर रिक्त पदों को प्राथमिकता पर भरना चाहिए। इससे खर्च करने वाला एक नया वर्ग बढ़ेगा, इसके लिए राजस्व मद में सरकार व्यवस्था रखती है।
आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ बताते हैं कि आम लोगों ने अपनी जरूरतों पर खर्च करना शुरू कर दिया है। जबकि सरकारी व नौकरीपेशा अभी भी खर्च के लिए मुट्ठी खोलने को तैयार नहीं है। उनकी चिंता नौकरी बचाने और कोरोना महामारी के दौरान इमरजेंसी के लिए बचत करने पर है।
कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन आने तक कमोवेश यही स्थिति रहेगी। इसका असर यह है कि बाजार में वह तेजी नहीं आ रही है, जिसकी दरकार है। लिहाजा बाजार में तरलता बढ़ाने के लिए सरकार को कुछ कदम तत्काल उठाने चाहिए।
पहला, अगर अर्थव्यवस्था पिछले वर्ष के स्तर पर आ गई है तो सरकार को सभी तरह के एरियर भुगतान पर लगी रोक हटा देनी चाहिए। दूसरा, सरकार को दिवाली का बोनस समय से और पूरा देने पर विचार करना चाहिए। इस बार जीपीएफ में बोनस का अंश डालने से बचना चाहिए। इससे नौकरीपेशा त्यौहार में खर्च करने की स्थिति में होगा और बाजार को बूम मिल सकेगी।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना का कहना है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था पिछले साल के सितंबर महीने से भी बेहतर स्थिति में आ गई है। पर, सवाल बजट में तय अतिरिक्त राजस्व प्राप्तियों के लक्ष्य का है। दरअसल, अतिरिक्त राजस्व प्राप्तियों के अनुमान पर कई नई और बड़ी योजनाओं का एलान हुआ था।
चालू वित्तीय वर्ष के पहले छह महीने में राजस्व प्राप्तियों के लक्ष्य पर बुरा असर पड़ा है। कोरोना महामारी में हुए घाटे की भरपाई और अतिरिक्त लक्ष्य की पूर्ति के बिना बजट की तमाम योजनाओं को जमीन पर उतारना आसान नहीं होगा। इसके लिए सरकार को कुछ बड़े फैसलों करने की दरकार होगी। उस पर आने वाले समय में प्रदेश में उपचुनाव भी होने हैं। लोगों की इस पर भी नजर है।