गोरखपुर महानगर की यातायात व्यवस्था को सुगम एवं सुचारू बनाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम के रूप में लाइट रेल ट्रांजिट (एलआरटी) परियोजना को सरकार की हरी झंडी मिल गई है। परियोजना की कुल लागत 4672 करोड़ रुपये है। इसे 2024 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने शुक्रवार को गोरखपुर एलआरटी परियोजना के क्रियान्वयन तथा डीपीआर को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी।
परियोजना के तहत कुल 27.84 किलोमीटर की लंबाई में दो एलिवेटेड कॉरीडोर प्रस्तावित हैं। पहला कॉरीडोर श्यामनगर से मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज तक होगा, जिसकी प्रस्तावित लंबाई 15.14 किलोमीटर होगी। इस कॉरीडोर पर स्टेशनों की संख्या 14 होगी। दूसरा कॉरीडोर बीआरडी मेडिकल कॉलेज से नौसढ़ चौराहा तक रहेगा। इस कॉरीडोर की प्रस्तावित लंबाई 12.70 किलोमीटर होगी। इस पर स्टेशनों की संख्या 13 होगी।
गाजीपुर में स्टेट हाईवे निर्माण की संशोधित लागत को मंजूरी
कैबिनेट ने गाजीपुर में ताड़ीघाट-बारा-कुम्हार-चौसा मार्ग (स्टेट हाईवे-99) के सुदृढ़ीकरण और मार्ग के दोनों ओर 1.50 मीटर चौड़ाई में पेव्ड शोल्डर की संशोधित लागत को हरी झंडी दे दी है। 38.60 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर 271.58 करोड़ रुपये का व्यय होगा। यह मार्ग गाजीपुर में ताड़ीघाट से प्रारंभ होकर बारा होते हुए बिहार के बक्सर को जोड़ता है। इस मार्ग से बजरी-मोरंग और कोयला की ढुलाई होती है।