- राजकीय अस्पताल, सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेजों में कोरोना मरीजों के लिए 70 फीसदी बेड कोविड कमांड सेंटर के माध्यम से आवंटित होंगे। बाकी 30 फीसदी बेड का आवंटन इमरजेंसी की स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल स्वयं कर सकेगा।
- कमांड सेंटर के माध्यम से जारी भर्ती पर्ची को सबंधित अस्पताल को मानना होगा। उल्लंघन करने पर उप्र महामारी अधिनियम के तहत अस्पताल पर कार्रवाई होगी।
- कमांड सेंटर पर चिकित्सा शिक्षा विभाग भी रोटेशन से एक अधिकारी को तैनात करेगा, जो मेडिकल कॉलेजों के समन्वय स्थापित करेंगे।
- जो मरीज फ्री इलाज का अनुरोध करेंगे, उनकी भर्ती की व्यवस्था कोविड कमांड सेंटर के माध्यम से होगी। उनके स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार अस्पताल का आवंटन किया जाएगा। उन्हें एंबुलेंस की सुविधा भी दी जाएगी।
- मरीज कमांड सेंटर को फोन करके भी अस्पताल में भर्ती का अनुरोध कर सकते हैं। जिला प्रशासन कुछ स्थानों पर काउंटर भी बना सकेगा, जहां लोग फ्री इलाज के लिए अनुरोध पत्र दे सकेंगे।
कितने बेड खाली, जान सकेंगे मरीज
सभी निजी व सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों को रोजाना सुबह आठ बजे और शाम चार बजे खाली बेड की संख्या अस्पताल के बाहर डिस्प्ले करना होगा। इसमें श्रेणीवार आइसोलेशन बेड, ऑक्सीजन बेड, आईसीयू/एचडीयू की जानकारी देनी अनिवार्य होगी।
ऑक्सीजन की कमी नहीं, केंद्र से सवा लाख रेमडेसिविर जल्द मिलेगा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि प्रदेश में ऑक्सीजन की कोई कमी है। लिक्विड ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए टैंकरों और खाली सिलिंडरों का भी कोई अभाव नहीं है। फिर भी बदलती परिस्थितियों के मद्देनजर अतिरिक्त टैंकरों और सिलिंडरों की व्यवस्था कराई जा रही है। वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रित है। सभी छोटे-बड़े अस्पतालों की स्थिति पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि यूपी को केंद्र सरकार के सहयोग से रेमडेसिविर के सवा लाख इंजेक्शन जल्द मिलेंगे।