लखनऊ। दीपावली की छुट्टियों के बाद शुक्रवार को किसान साधन सहकारी समितियां खुलेंगी। इस वजह से किसानों की भीड़ जुटने का अनुमान है।
किसानों ने रबी की फसलों की बुवाई का काम तेज कर दिया है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सभी साधन सहकारी समितियों पर उर्वरक की उपलब्धता करा दी गई है। हालांकि, सचिवों की कमी के कारण करीब दस समितियों पर खाद का वितरण नहीं हो पाएगा।
जिला कृषि अधिकारी तेगबहादुर ने बताया कि जिले में रबी सीजन के लिए प्राइवेट और सहकारी क्षेत्र में 28653 मिट्रिक टन यूरिया, 16445 मिट्रिक टन डीएपी, 4952 एनपीके की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि रबी के सीजन में किसानों को मुख्य रूप से एनपीके की जरूरत होती है। इसे ध्यान में रखते हुए अक्तूबर के लिए एनपीके 989 एमटी के सापेक्ष 2440 मिट्रिक टन, डीएपी 4229 के सापेक्ष 4380 मिट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि साधन सहकारी समितियों में सचिवों की कमी है। दस सचिवों पर दो से तीन समितियों का चार्ज है। इसकी वजह से रोस्टर जारी किया गया है। जिन किसानों को शुक्रवार को खाद नहीं मिल पाएगी, उन्हें एक-दो दिन बाद मिल जाएगी। किसानों का दबाव पहले खाद पाने का होगा। इस वजह से शुक्रवार को जिले की लगभग सभी समितियों पर भीड़ रह सकती है।