आरबीआई ने सहकारी बैंकों पर पुराने एक हजार और पांच सौ के नोट जमा करने की पाबंदी लगा रखी है जिसके विरोध में जिला सहकारी बैंक 24 नवंबर को हड़ताल करेंगे।
बता दें कि सरकार ने ग्राहकों को पुराने नोट बदलने के लिए 31 दिसंबर तक का वक्त दिया है। बीते 14 नवंबर आरबीआई ने सहकारी बैंकों को इस प्रक्रिया से अलग कर दिया। सहकारी बैंकों से ग्राहक पैसे तो निकाल सकता है लेकिन न पुराने नोट जमा कर सकता है न ही एक्सचेंज।
कोऑपरेटिव बैंक इम्प्लाइज यूनियन का आरोप है कि आरबीआई और प्राइवेट बैंकों के अधिकारी मिलकर जिला सहकारी बैंकों के खिलाफ साजिश कर रहे हैं।
उनका कहना है कि नोट बदलने की प्रक्रिया से सहकारी बैंकों को अलग रखने पर ग्राहकों को असुविधा होगी साथ ही बैंक की साख को भी चोट पहुंचेगी।
यूनियन का कहना है कि मुख्यालय पर इकट्ठे होकर धरना-प्रदर्शन करेंगे साथ ही डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे।