माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। संसद के मानसून सत्र के दौरान राष्ट्रीय कुली मोर्चा के प्रतिनिधियों ने नई दिल्ली जाकर सांसदों से मुलाकात की। कुलियों ने रोजगार व सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे पर बातचीत कर अपनी मांगें रखी। इस पर सांसदों ने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
राष्ट्रीय कुली मोर्चा के समन्वयक राम सुरेश यादव ने बताया कि विभिन्न पार्टियों के प्रमुखों व सांसदों से मुलाकात की गई है। सत्र में कुलियों के रोजगार व सामाजिक सुरक्षा के सवाल को उठाने एवं हल कराने की मांग की गई है। सांसदों को बताया गया कि रेलवे में लगातार हो रहे निजीकरण से कुलियों के लिए आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। संविधान में मिले सम्मानजनक जीवन के अधिकार से कुलियों को वंचित होना पड़ रहा है। माई कुली एप, ठेकेदारी की ट्राली प्रथा, प्राइवेट कंपनियों के हाथों कुलियों का काम चले जाने से उनकी आमदनी कम हो गई है। रेलमंत्री तमाम दावे करते हैं, पर जमीनी हकीकत अलग है। हालत यह है कि मांग उठने पर कुलियों का दमन किया जा रहा है। यहां तक की दिल्ली में सांसदों से मिलने तक पर पुलिस प्रशासन ने अनावश्यक हस्तक्षेप किया। कुली मोर्चा ने मांग की कि कुलियों को रेलवे की नौकरी दी जाए और उनकी सामाजिक सुरक्षा के आदेशों का कड़ाई से अनुपालन हो। कुलियों के प्रतिनिधिमंडल ने आप सांसद संजय सिंह, सपा के अवधेश प्रसाद, राजद के डा0 मनोज कुमार झा, सपा के आरके चौधरी, जेडीयू की विजयलक्ष्मी कुशवाहा, भाजपा के आलोक शर्मा, मंत्री जीतन राम मांझी आदि से मुलाकात की। मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल में रामचन्दर, अरुण कुमार महतो, शेख रहमतुल्लाह, राहुल, राजकुमार यादव, कन्हैया ग्वाल शामिल रहे।
मानसून सत्र में सांसदों से मिले कुली, नौकरी का मुद्दा उठाया