भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के 14वें दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्य अतिथि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों पर सरकारी नौकरी का अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि उनके भीतर छिपे हुनर में ही उनको कॅरिअर बनाने दें।ताकि वे अपने हुनर को विकसित कर उसमें एक मुकाम हासिल कर सकें। उन्होंने कहा कि बच्चोंं को बताइए कि वह संगीत, स्पोर्ट्स और पर्यावरण में भी खुद को स्थापित कर सकते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अनुसार, 50 प्रतिशत बच्चों को हायर एजुकेशन तक जाना चाहिए। इसके लिए चाहिए कि हम प्राइमरी स्कूल के बच्चों में आंगनबाड़ी व शिक्षकों के माध्यम से ऐसे हुनरमंद बच्चों को खोजकर उनका कौशल विकास करें। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले हुई एक कहानी प्रतियोगिता के दौरान बच्चों ने कहानी लिखने में कमाल की प्रतिभा दिखाई। मैं फाइलें पढ़ने के लिए अक्सर दूसरों को बुलाती हूं लेकिन यह पढ़ने के लिए मैंने किसी को नहीं बुलाया। इस दौरान स्पिक मैके के संस्थापक डॉ. किरण सेठ, कुलपति प्रो. मांडवी सिंह, कुलसचिव डॉ. सृष्टि धवन और विश्वविद्यालय के संकायाध्यक्ष व विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।
इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत कुलगीत से हुई। राज्यपाल ने मेधावियों को पदक वितरित कर उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान दो पीएचडीधारकों व 157 विद्यार्थियों को स्नातक व स्नातकोत्तर की डिग्रियों सहित कुल 159 उपाधियां वितरित की गईं। इसमें 83 स्नातक व 74 परास्नातक शामिल रहे। इनमें से 22 विद्यार्थियों को सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर कुल 47 पदकों से सम्मानित किया गया। इनमें 29 स्वर्ण पदक, 10 रजत पदक और आठ कांस्य पदक शामिल रहे।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बांटीं किट
दीक्षांत समारोह के दौरान 150 आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ताओं को 200 किट देकर सम्मानित किया गया। इनमें से 50 किट विश्वविद्यालय ने तो 150 जिला प्रशासन उन्नाव की ओर से दी गईं। विश्वविद्यालय की ओर से गोद लिए गए काकोरी व मलिहाबाद के प्राइमरी स्कूल के बच्चों के बीच हुई प्रतियोगिताओं के विजेता बच्चों को भी सम्मानित किया गया। नारी शिक्षा निकेतन विद्यालय की 30 छात्राओं को स्कूल बैग, पुस्तकें व फल वितरित किए गए।
इनको मिले इतने पदक
शिवम अवस्थी - एमपीए भरतनाट्ययम, 10 स्वर्ण पदक
सौम्या वर्मा - एमपीए भरतनाट्ययम, 2 रजत पदक
अनुराग मौर्या - एमपीए गायन, 3 स्वर्ण, एक कांस्य
प्रशांत पांडेय - बीपीए गायन, 5 स्वर्ण पदक
स्पर्श कुमार कश्यप - बीपीए गायन, 2 रजत पदक
रोहित शर्मा - बीपीए गायन, 2 कांस्य पदक
कशिश भारद्वाज - एमपीए,गायन, रजत पदक
विदित जोशी - एमपीए गायन, रजत पदक
अंकित कुमार- एमपीए सितार, 3 स्वर्ण पदक
राहुल त्रिपाठी, एमपीए बांसुरी, रजत पदक
नेहा काजी - बीपीए गिटार, 2 स्वर्ण पदक
नीलांचल पांडेय - एमपीए तबला, 2 स्वर्ण पदक
अम्बुज गुप्ता - एमपीए तबला, रजत पदक
आमिर हुसैन खान - एमपीए, तबला, कांस्य पदक
आकांक्षा राय - बीपीए तबला, 3 स्वर्ण पदक
अमन यादव - बीपीए तबला, रजत पदक
रिजुल पांडेय - बीपीए, तबला, कांस्य पदक
प्रेक्षा श्रीवास्तव - एमपीए, कथक, कांस्य पदक
रुनझुन सिंह- बीपीए कथक, स्वर्ण पदक
प्रतिक्षा कश्यप - बीपीए कथक, रजत पदक
प्रख्याति श्रीवास्तव- बीपीए भरतनाट्यम, रजत पदक
रियांशी श्रीवास्तव, बीपीए , कथक, कांस्य पदक