धर्मांतरण मामले में एटीएस की रिमांड पर आए द्विभाषी इरफान शेख, मन्नू यादव और राहुल भोला की रिमांड बुधवार को पूरी हो गई। रिमांड के दौरान इरफान शेख ने कई अहम खुलासे किए हैं। जिसके बाद लगभग आधा दर्जन मूक बधिर एटीएस की रडार पर आ गए हैं।
सूत्रों का कहना है कि इरफान ने पूछताछ में ऐसे लोगों के नाम बताए हैं जिनकी मदद से वह लोगों को बरगलाता था और धर्म परिवर्तन करने केलिए मजबूर करता था। इसमें कई मूक बधिर शामिल हैं। एटीएस इन लोगों के बारे में खोजबीन कर रही है। एटीएस के सामने चुनौती यह है कि मूक बधिरों की भाषा हर किसी के समझ से बाहर है। इसके लिए दो द्विभाषियों को एटीएस ने शासन स्तर से संबद्घ कराया है। लेकिन एटीएस के पास मूक बधिरों को लेकर काम काफी बढ़ गया है। ऐसे में कुछ और द्विभाषियों को संबद्घ कराया जा सकता है।
सूत्रों का कहना है कि इरफान ने जो खुलासा किया है उसमें दिल्ली के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ मूक बधिर शामिल हैं जो अन्य लोगों को भी धर्म परिवर्तन कराने में उमर गौतम और इरफान शेख की मदद करते थे। इसके पैसे हवाला के जरिए पैसे दिए जाने की भी जानकारी एटीएस को मिली है, जिसकी छानबीन की जा रही है।
एटीएस रिमांड पर आए एक धर्मांतरण से जुड़े एक अन्य आरोपी सलाउद्दीन से भी एटीएस हवाला का नेटवर्क पता लगाने की कोशिश कर रही है। सलाउद्दीन ने जो पैसे उमर और उसकी संस्था के खातों में जमा किए गए वह पैसे किन लोगों ने दिए इसके बारे में भी एटीएस को बताया है। एटीएस के अधिकारियों का कहना है कि पहले सुबूत इकट्ठा किया जाएगा और फिर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सलाउद्दीन ने किन-किन लोगों का नाम लिया है, यह बताने से एटीएस के अधिकारियों ने इंकार कर दिया है। माना जा रहा है कि इस मामले में अगले दो से तीन दिनों में कुछ अहम गिरफ्तारियां हो सकती हैं।