लखनऊ पुलिस ने बृहस्पतिवार को पीलीभीत के न्यूरिया कस्बे में और खटीमा के वार्ड 14 में पहुंचकर आरोपी चिकित्सक रमीज मलिक के पैतृक घरों के बाहर कुर्की का नोटिस चस्पा किया। एक घंटे तक चली कार्रवाई के बाद पुलिस टीम वापस लौट गई।
रमीज को पाताल से भी खोजकर निकालेंगेः अपर्णा
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने कहा कि केजीएमयू के डॉ. रमीज को पाताल से भी खोज निकाला जाएगा। नंदिनीनगर में राष्ट्रकक्षा में हिस्सा लेने पहुंचीं अपर्णा ने कहा कि आयोग की पहल के कारण पीड़िता को न्याय मिल रहा है।
विशाखा समिति की रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न का आरोप साबित
किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की विशाखा समिति ने डॉ. रमीज के मामले में अपनी जांच पूरी कर ली है। जांच में डॉ. रमीज को यौन उत्पीड़न का आरोपी पाया गया है। इस मामले में केजीएमयू प्रशासन उसका दाखिला रद्द करने के लिए महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (डीजीएमई) को पत्र लिखने की तैयारी में है।
केजीएमयू के पैथोलॉजी विभाग में रेजिडेंट महिला डॉक्टर ने साथी रेजिडेंट डॉ. रमीज पर यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के प्रयास का आरोप लगाया था। इस मामले में बनी विशाखा समिति ने प्रारंभिक जांच में पुरुष रेजिडेंट को दोषी बताया था। इसी आधार पर रेजिडेंट को निलंबित किया गया और उस पर एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद से डॉ. रमीज भागा हुआ है।
विशाखा समिति ने अपनी फइनल रिपोर्ट देने से पहले विभाग के सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों के बयान लिए। रमीज को भी बयान देने के लिए बुलाया गया, लेकिन वह नहीं आया। समिति ने अपनी जांच पूरी करके केजीएमयू कुलपति को रिपोर्ट सौंप दी है। अब इस मामले में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई तय की जा रही है।
आरोपी के मददगारों की जांच रिपोर्ट का इंतजार
विशाखा समिति ने अपनी जांच पूरी कर ली है, लेकिन आरोपी रेजिडेंट की मदद करने वालों की जांच अभी पूरी नहीं हो सकी है। केजीएमयू के कुछ प्रोफेसर पर रेजिडेंट की मदद करने का आरोप है। समिति इनकी भूमिका की जांच कर रही है।