एंबुलेंस सेवा के ड्राइवर व अन्य स्टाफ समय पर वेतन न मिलने से नाराज हैं। कर्मचारियों ने बताया, उन्हें अगस्त का वेतन नहीं मिला है। सितंबर की भी 23 तारीख निकल गई है। इससे उन्हें खाने के लाले पड़ गए हैं। इन कर्मचारियों ने नई नीति के तहत प्रति केस मानदेय देने का भी विरोध किया है।
बताया जा रहा है कि नए एमओयू के बाद 108 सेवा के कर्मियों को 100 रुपये और 102 सेवा के कर्मियों को 60 रुपये दिए जाएंगे। इतना ही नहीं, केस लेट होने पर जुर्माना भी भुगतना होगा।
कर्मचारियों का कहना है कि सरकार जितना वेतन देती है। कर्मचारियों को उसका आधा ही भुगतान किया जाता है। पिछले पांच-छह सालों से वेतन में वृद्धि नहीं की गई है। इसलिए 12 फीसदी की दर से वेतन बढ़ाया जाए। जबकि जीवीके ईएमआरआई के अधिकारियों का कहना है कि कुछ पूर्व कर्मचारी एंबुलेंस सेवा को प्रभावित कर रहे हैं, जिन्हें पहले ही निकाला जा चुका है। कंपनी के मीडिया प्रभारी सुनील यादव ने बताया कि कर्मचारियों के साथ सहायक श्रमायुक्त कार्यालय में वार्ता के बाद हड़ताल खत्म हो गई है।