फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: हड़ताल से चरमराई 108 एंबुलेंस सेवा, देर शाम हुआ समझौता, संचालक कंपनी पर लगेगी पेनाल्टी

Mon, 23 Sep 2019 09:57 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala
विज्ञापन

108, 102 और एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस सेवा के ड्राइवरों ने अगस्त का वेतन न मिलने और नए पायलट प्रोजेक्ट से नाराज होकर सोमवार को चक्काजाम कर दिया। इससे प्रदेश भर में एंबुलेंस सेवा चरमरा गई। हालांकि देर शाम एंबुलेंस संचालन करने वाली कंपनी जीवीके ईएमआरआई के अधिकारियों और हड़ताली कर्मचारियों के प्रतिनिधियों में समझौता हो गया। वहीं, प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य देवेश चतुर्वेदी ने कहा कि एंबुलेंस सेवा प्रभावित होने की जानकारी मिली है। पूरी रिपोर्ट आने के बाद संचालक कंपनी पर पेनाल्टी लगाई जाएगी।

विज्ञापन


यह जानकारी कंपनी के मीडिया प्रभारी सुनील यादव ने दी। इसके बाद दूसरी शिफ्ट के कर्मचारियों ने कुछ जिलों में फिर से एंबुलेंस सेवा शुरू की। उधर, कन्नौज समेत कुछ जिलों में चक्काजाम करने वाले कर्मचारियों की गिरफ्तारी की भी सूचना है।

दरअसल, 108, 102 और एएलएस के कर्मचारियों ने 22 व 23 सितंबर को चक्काजाम करने की रणनीति बनाई थी, लेकिन अचानक एस्मा लागू होने से 22 सितंबर को होने वाली हड़ताल पूरी तरह सफल नहीं हो पाई। पूर्वांचल व पश्चिम के कुछ जिलों से एंबुलेंस सेवा न चलने की खबर आई थी, जिसे किसी तरह संभाल लिया गया था। मगर, सोमवार को एक के बाद एक जिलों में एंबुलेंस खड़ी होने लगी।
विज्ञापन


लखनऊ स्थित सेंटर से दी जाने वाली कॉल ड्राइवर रिसीव नहीं कर रहे थे। जैसे-जैसे व्हाट्सएप पर जिलों से एंबुलेंस खड़ी होने की सूचना फैलती गई, लखनऊ सहित आसपास के जिलों, पूर्वांचल के गोरखपुर, बस्ती मंडल, बदायूं, प्रयागराज और पश्चिम के जिलों में भी एंबुलेंस खड़ी होती चली गई। एंबुलेंस सेवा ठप होने से मरीजों को काफी परेशानी हुई। परिवारीजन अपने संसाधनों से अस्पताल ले गए।

समय पर वेतन न मिलने और नई नीति से नाराजगी

एंबुलेंस सेवा के ड्राइवर व अन्य स्टाफ समय पर वेतन न मिलने से नाराज हैं। कर्मचारियों ने बताया, उन्हें अगस्त का वेतन नहीं मिला है। सितंबर की भी 23 तारीख निकल गई है। इससे उन्हें खाने के लाले पड़ गए हैं। इन कर्मचारियों ने नई नीति के तहत प्रति केस मानदेय देने का भी विरोध किया है।

बताया जा रहा है कि नए एमओयू के बाद 108 सेवा के कर्मियों को 100 रुपये और 102 सेवा के कर्मियों को 60 रुपये दिए जाएंगे। इतना ही नहीं, केस लेट होने पर जुर्माना भी भुगतना होगा।
विज्ञापन

सरकार देती है ज्यादा वेतन, पर मिलता है आधा

कर्मचारियों का कहना है कि सरकार जितना वेतन देती है। कर्मचारियों को उसका आधा ही भुगतान किया जाता है। पिछले पांच-छह सालों से वेतन में वृद्धि नहीं की गई है। इसलिए 12 फीसदी की दर से वेतन बढ़ाया जाए। जबकि जीवीके ईएमआरआई के अधिकारियों का कहना है कि कुछ पूर्व कर्मचारी एंबुलेंस सेवा को प्रभावित कर रहे हैं, जिन्हें पहले ही निकाला जा चुका है। कंपनी के मीडिया प्रभारी सुनील यादव ने बताया कि कर्मचारियों के साथ सहायक श्रमायुक्त कार्यालय में वार्ता के बाद हड़ताल खत्म हो गई है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें