रायबरेली। लंबित मांगों को लेकर लोक निर्माण विभाग के ठेकेदारों आंदोलित हैं। विरोध के चलते एक महीने से 116 सड़कों का नवीनीकरण, विशेष मरम्मत समेत अन्य कार्य ठप है। मंगलवार को ठेकेदारों ने लोक निर्माण विभाग परिसर में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। कहा कि मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो एक सप्ताह में चल रहे 30 करोड़ के काम ठप कर दिए जाएंगे।
ठेकेदार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह की अगुवाई में लोक निर्माण विभाग में पंजीकृत ठेकेदार एकत्रित हुए। ठेकेदारों ने कहा कि मार्गों के निर्माण में पांच वर्ष की अनुरक्षण नीति वापस ली जाए। ग्रामीण मार्गों पर लागत कम होने तथा ओवरलोड वाहनों के चलने से ग्रामीण मार्ग पांच साल तक सुरक्षित नहीं रह सकते हैं।
डिपाजिट में ठेकेदारों का जमा धन ब्याज सहित वापस किया जाए। निविदा के साथ 10 प्रतिशत की जगह दो प्रतिशत धरोहर धनराशि जमा कराई जाए। अनुबंध के अनुसार ठेकेदारों का लंबित भुगतान ब्याज सहित किया जाए। विभागीय दरों को छह माह पर बाजार की दरों के आधार पर पुनरीक्षित किया जाए।
प्रेमचंद्र मौर्य, धर्मेंद्र त्रिपाठी, महेंद्र सिंह, संतोष सिंह, मुकेश सिंह, विवेक सिंह, आनंद तिवारी ने कहा कि ठेकेदारों एवं विभागीय अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए स्थाई समिति का गठन किया जाए। ठेकेदारों के विरोध से करीब 22 करोड़ से होने वाली 116 सड़कों का का काम ठप हो गया है। ठेकेदारों ने कहा कि जब मांगों पर विचार नहीं किया जाएगा, तब तक कोई ठेकेदार टेंडर नहीं लेगा। इस मौके पर समर यादव, विष्णु प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।