वाराणसी के ठेकेदार अवधेश श्रीवास्तव की खुदकुशी से जुड़े मामलों में एक्सईएन समेत दो और अभियंता निलंबित कर दिए गए हैं। वहां के मुख्य अभियंता अंबिका सिंह को भी हटाकर विभागाध्यक्ष कार्यालय, लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया है। इस मामले में पांच कार्मिकों को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है।
पिछले सप्ताह वाराणसी के मुख्य अभियंता के कक्ष में ठेकेदार अवधेश श्रीवास्तव ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। श्रीवास्तव 48 लाख रुपये का पेमेंट फंसने से परेशान थे। स्थानीय अधिकारियों के न सुने जाने पर उन्होंने यह अतिवादी कदम उठाया। सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सचिव, पीडब्ल्यूडी समीर वर्मा की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठित की थी। इस कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
बिना नाप-जोख (एमबी) अवधेश श्रीवास्तव को भुगतान की फाइल आगे बढ़ाने वाले सहायक अभियंता आशुतोष कुमार सिंह, अवर अभियंता मनोज कुमार सिंह व यूएस पांडेय, वरिष्ठ सहायक (सम्प्रेक्षा लिपिक) मोनू राम मौर्य और वरिष्ठ सहायक व शिविर लिपिक रजत राय को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। खंडीय लेखाधिकारी दद्दन मिश्रा के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की संस्तुति महालेखाकार, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज को भेजी जा चुकी है।