फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अयोध्या में बोले नरेंद्र मोदी, कहा- महामिलावटी लोग वोट के लिए छोड़ते हैं आतंकी

Thu, 02 May 2019 12:31 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
विज्ञापन
अयोध्या पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रचार के पांचवें चरण में आतंकवाद के बहाने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। अयोध्या-फैजाबाद में हुए बम धमाकों का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी सुरक्षा एजेंसियां आतंक के मददगारों को पकड़ती थीं तो महामिलावटी लोग वोट के लिए उनको छोड़ देते थे। आज महामिलावटी फिर से केंद्र में एक मजबूर सरकार बनाने की फिराक में हैं। पहली बार पीएम मोदी ने रामनगरी से 27 किमी दूर मंच से ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाया। 

विज्ञापन


अयोध्या जिले में स्थित अंबेडकरनगर लोकसभा क्षेत्र के रामपुर मया में बुधवार को प्रधानमंत्री आतंकवाद के मुद्दे पर जमकर बरसे। फैजाबाद सीट से भाजपा प्रत्याशी लल्लू सिंह व अंबेडकरनगर सीट से पार्टी के उम्मीदवार मुकुट विहारी वर्मा के समर्थन में आयोजित विजय संकल्प रैली में उन्होंने कहा कि आस्था और पर्यटन पर सबसे बड़ा खतरा आतंकवाद है। 

हाल में हमने देखा कि श्रीलंका में क्या हुआ। कुछ यही स्थिति 2014 से पहले भारत में भी थी। अयोध्या में, फैजाबाद में कैसे-कैसे बम धमाके हुए, क्या हम इसे भूल सकते हैं। वो दिन हम कैसे भूल सकते हैं, जब देश में आए दिन कहीं न कहीं आतंकी हमला होता था। बीते पांच वर्ष में इस तरह के धमाके की खबर आनी बंद हो गई लेकिन, इसका अर्थ यह नहीं है कि आतंकी खत्म हो गये। आतंकी फैक्ट्रियां तो हमारे पड़ोस में अब भी चल रही हैं। 

विज्ञापन
Trending Videos

वहां तो एक ही उद्योग है आतंकवादियों को एक्सपोर्ट करना। यह आतंकी देश में एक कमजोर सरकार के इंतजार में हैं। ये मौके की ताक में हैं इसलिए जैसे सड़कों पर लिखा रहता है सावधानी हटी, दुर्घटना घटी। यह आतंकवाद का खेल भी यही है। 

सावधानी हटी नहीं कि मौत का बुलावा आया। यह बात इसलिए अहम है क्योंकि सपा हो, बसपा हो, कांग्रेस हो, कोई भी महामिलावटी हो इनका आतंक पर खराब रिकॉर्ड रहा है। 

कहा कि हमारी सुरक्षा एजेंसियां आतंक के मददगारों को पकड़ती थीं और ये वोट के लिए उनको छोड़ देते थे। आज ये सभी महामिलावटी फिर से केंद्र में एक मजबूर सरकार बनाने की फिराक में हैं। लेकिन आपको पूरी तरह से चौकन्ना रहना है। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि हम एक नए हिंदुस्तान के रास्ते पर चल पड़े हैं। जो छेड़ता नहीं है, लेकिन कोई छेड़ेगा तो छोड़ता भी नहीं है। खतरा सीमा के भीतर हो या सीमा पार, यह नया हिंदुस्तान घर में घुसकर मारेगा। गोली का जवाब गोली से देगा और ये हम बोलते नहीं हैं, जवान की उंगली बोलती है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आतंक का खतरा गिनाने के बाद सीधे सुरक्षित भारत के लिए वोट की अपील पर उतर आए। कहा कि जब भारत सुरक्षित रहेगा तभी हमारे सपने, हमारी आशाएं, हमारी आकांक्षाएं पूरी हो पाएंगी। हमारी संस्कृति और हमारे संस्कार सुरक्षित रहें, आतंक और अत्याचार का अंत हो, इसके लिए कमल के फूल पर बटन दबाएं। 

कहा कि आप जब कमल के फूल का बटन दबाएंगे, इसका मतलब आप अपने सपने बोएंगे जो साकार होंगे। आपके भीतर एक ऐसा देशभक्त उभर कर आएगा जो देश के लिए जीएगा। आपके भीतर उस सैनिक की आत्मा जग जाएगी, जो देश के लिए जीएगा, देश के लिए मरेगा। आपका वोट सीधा मोदी खाते में जाएगा। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे देश की आत्मा हमारी संस्कृति, दर्शन, आस्था में बसती है। हमारी समृद्धि, सांस्कृतिक धरोहर को विदेशी मानसिकता और तुष्टिकरण का खेल खेलने वालों ने खतरे में डाल दिया था। 

हमने भारत के इस मूल को पूरी दुनिया में प्रचारित व प्रसारित किया। योग हमारी संस्कृति का हिस्सा सदियों से है, लेकिन पूरी दुनिया 21 जून को योग दिवस मनाए ये काम इस चौकीदार ने किया। कुंभ भी हजारों साल से होता आ रहा है, लेकिन जो दिव्यता और भव्यता इस बार प्रयागराज में दिखी, वो अभूतपूर्व है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने अयोध्या के विकास व दीपोत्सव के बहाने भी विरोधियों पर निशाना साधा। कहा कि अयोध्या में दीप तो हजारों वर्षों से जलते आ रहे हैं, लेकिन अब जो दीपावली मनाई जा रही है, वह दुनिया भर में चर्चा का विषय बनती है। 
विज्ञापन

देश का गौरव बढ़ाती है। जब 26 जनवरी पहली बार विजयपथ पर देश के आशियान देशों की रामायण की प्रेरणा झांकियों में नजर आई तो देशवासी का सीना चौड़ा हो गया। यहां जनकपुरी से अयोध्या के लिए बस को हरी झंडी दिखाई जाती है तो इसकी चर्चा हर जगह होती है। 

कहा कि हमने इस धरोहर को सिर्फ आस्था तक ही नहीं रखा, बल्कि आर्थिक उद्देश्य से जोड़ा है। देश में स्वदेश दर्शन नाम से बहुत व्यापक कार्यक्रम चल रहा है। इसके तहत देश में रामायण सर्किट, कृष्ण सर्किट, बौद्ध सर्किट सहित 15 सर्किटों पर काम हो रहा है। रामायण सर्किट के तहत अयोध्या से लेकर रामेश्वरम तक जहां-जहां भी प्रभु राम के निशान हैं, उन सभी को विकसित किया जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें