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इलाज में लापरवाही से प्रसूता और जुड़वां नवजात की मौत, उपभोक्ता फोरम ने लगाया 8.35 का हर्जाना

Mon, 17 Sep 2018 03:52 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : डेमो
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प्रसूता व उसके नवजात जुड़वा बच्चों की मौत को जिला उपभोक्ता फोरम द्वितीय ने चिकित्सकीय लापरवाही मानते हुए लखनऊ के बृजराज हॉस्पिटल एंड सुपर स्पेशिएलिटी सेंटर व ग्लोब मेडीकेयर पर 8.35 लाख रुपये का हर्जाना लगाया है। फोरम ने माना कि सभी जांचों में डॉक्टर सबकुछ ठीक बताते रहे और बेहतर सुविधाएं देने का देने का दावा भी किया। इसके बावजूद प्रसूता व उसके जुड़वा बच्चे की मौत चिकित्सकीय लापरवाही ही दर्शाती है।
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डॉक्टरों ने तर्क दिया कि मरीज प्लेसेंट्रा एक्रेटा (गर्भनाल से जुड़ी दिक्कत) से पीड़ित थी। इसके बाद भी उसको भर्ती कर इलाज किया गया। जरूरत पर एसजीपीजीआई भी रेफर किया गया। डॉक्टरों ने गलत तरीके से पैसे लेने के आरोप का भी खंडन किया, लेकिन फोरम के अध्यक्ष शिवदान यादव और सदस्य चंचल जैन उनके तर्क से सहमत नहीं हुए और इसे सेवा में कमी माना।

इसके बाद प्रसूता के पति को इलाज में हुए खर्च 25,520 रुपये वापस करने का आदेश दिया। साथ ही मानसिक कष्ट के लिए 8 लाख रुपये व विधिक व्यय के लिए 10 हजार रुपये देने का आदेश दिया। फोरम ने डॉक्टरों कहा है कि वे संयुक्त रूप से 4 हफ्ते में रकम चुकाएं। ऐसा नहीं करने पर भुगतान की तारीख तक 12  फीसदी ब्याज अलग से देना होगा। 
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यह है मामला

शिकायत के अनुसार कंघी टोला चौक के अमित कुमार वर्मा ने पत्नी अंजू वर्मा को 19 नवंबर, 2013 को डॉ. शालिनी रमन के यहां बृजराज हॉस्पिटल में दिखाया तो पता चला कि गर्भ में दो भ्रूण पल रहे हैं। अंजू के पहले दोनों बच्चे नॉर्मल डिलीवरी से हुए थे। मासिक जांच में सब कुछ ठीक बताया गया।

21 मार्च 2014 को फ्लूड आने अंजू को फिर दिखाया तो अल्ट्रासाउंड जांच में सबकुछ ठीक निकला। यहां यह भी बताया गया कि जरूरत पड़ने पर एक बच्चे को सुरक्षित रखा जा सकता हैै। 28 मार्च 2014 को अंजू को डिस्चार्ज कर दिया गया। अगले दिन तेज बुखार और उल्टी होने पर 30 मार्च की सुबह उसे फिर भर्ती करा दिया गया।

यहां जन्म के बाद एक बच्चे की मौत हो गई जबकि दूसरे को स्वस्थ बताया गया। बाद में उसकी भी मौत हो गई। प्रसूता को आईसीयू में रखने के बाद एसजीपीजीआई रेफर किया गया, लेकिन तबियत ज्यादा खराब होने पर वहां भर्ती नीं किया गया।

डॉ. शालिनी रमन के कहने पर प्रसूता को ग्लोब मेडिकेयर में भर्ती कराया गया जहां डॉ. बीपी सिंह और डॉ. दीपक अग्रवाल की देखरेख में इलाज के दौरान एक अप्रैल को प्रसूता को मृत घोषित कर दिया गया।
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