लखनऊ। राजधानी में यातायात व्यवस्था सुगम और सुचारू बनाने के लिए मंगलवार को मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने लखनऊ-कानपुर रोड के नादरगंज और खंडेदेव क्षेत्र का निरीक्षण किया। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे के दोनों ओर की सर्विस लेन जहां-जहां बहुत संकरी हो गई हैं, वहां चौड़ीकरण शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे का कार्य दिन के बजाय रात में कराएं, ताकि दिन में यातायात बाधित न हो।
मंडलायुक्त ने एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर (पीडी) को निर्देश दिया कि नादरगंज और खंडेदेव में निर्माणाधीन सड़कों के कार्य में मैनपावर और मशीनरी की संख्या बढ़ाएं और कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराएं। जुनाबगंज से भारी वाहनों का नियमित रूप से डायवर्जन कराएं, ताकि मुख्य मार्गों पर यातायात का दबाव कम हो। उन्होंने ड्रेनेज निर्माण में बाधा बन रहे अवैध स्ट्रक्चरों को तोड़ने और सड़कों से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। ब्लैक टॉप (सड़क के पक्के हिस्से) पर वाहनों की पार्किंग पर तत्काल प्रतिबंध लगाने और उल्लंघन करने वालों का तत्काल चालान करने का भी निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी उन्नाव गौरांग राठी, पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर, एनएचआई के अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
हाइड्रा और क्रेन की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश
मंडलायुक्त ने पीएनसी कंपनी को अधिकतम संख्या में हाइड्रा (क्रेन) और मार्शल की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। कहा कि इन वाहनों के चालकों के नाम और मोबाइल नंबर ग्रुप में अंकित कराए जाएं ताकि किसी भी आपात स्थिति में भारी वाहनों को त्वरित रूप से हटाया जा सके।
फ्लाईओवर कार्य पूर्ण होने तक रास्ते बंद रखने के आदेश
मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे का कार्य पूर्ण होने तक फ्लाईओवर के रास्तों को बंद रखें, ताकि काम में बाधा न हो और दुर्घटनाओं से बचा जा सके। निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त दही चौकी पहुंचीं, जहां अधिकारियों ने बताया कि एक्सप्रेस वे पर बन रहे फ्लाईओवर के कारण सड़क संकरी हो गई है, जिससे जाम लग रहा है। पीएनसी कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि फ्लाईओवर का कार्य दो माह में पूर्ण हो जाएगा। इस अवधि में दही चौकी से डायवर्जन की आवश्यकता है, जिसे मंडलायुक्त ने सहमति प्रदान की।