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लखनऊः आवेदन के सात दिन में कनेक्शन ...नहीं तो बिजली कंपनी देगी मुआवजा

Thu, 20 Feb 2020 03:26 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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उपभोक्ताओं की शिकायतों को नजरअंदाज करना अब बिजली कंपनियों को महंगा पड़ेगा। तय समय में शिकायत का समाधान नहीं करने पर उन्हें उपभोक्ताओं को प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा देना पड़ेगा। 
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राज्य विद्युत नियामक आयोग ने स्टैंडर्ड ऑफ  परफॉर्मेंस रेगुलेशन-2019 में इसका प्रावधान कर दिया है। इसके तहत ऐसी जगह पर जहां पूरा सिस्टम (तय दूरी पर पोल, लाइन, ट्रांसफार्मर) मौजूद है, वहां आवेदन करने के सात दिन में कनेक्शन न दिए जाने पर उपभोक्ता बिजली कंपनी से 250 रुपये रोजाना के रेट से मुआवजा वसूल सकता है। 

आयोग ने उपभोक्ता सेवाओं के तहत हर काम के दिन तय कर दिए हैं। इनमें प्रमुख रूप से मकान एवं दुकान के बिकने पर स्वामित्व स्थानांतरण, जले मीटर, मीटर तेज चलने (खराब), विद्युत लोड घटाने-बढ़ाने, लाइन शिफ्ट करने और गलत बिल का संशोधन शामिल हैं। तेज चलने वाले मीटर को तभी बदला जाएगा, जब चेक मीटर की रिपोर्ट प्रार्थना पत्र के साथ अटैच होगी। 
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कार्य    तय दिन
स्वामित्व स्थानांतरण    3
जले मीटर बदलना    3 
लोड घटाना-बढ़ाना    30
खराब मीटर बदलना    15
बिजली लाइन शिफ्टिंग    7
बिल संशोधन    30 
(नोट : तय दिन की गिनती आवेदन के बाद से शुरू होगी) 
 
मुआवजा न मिले तो फोरम में करें शिकायत
विद्युत उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम के अध्यक्ष जस्टिस सैयद मोहम्मद हसीब ने कहा कि विद्युत नियामक आयोग ने शिकायत का समाधान न करने पर मुआवजा देने का प्रावधान कर दिया है। विभाग यदि मुआवजा नहीं देता है तो फोरम में शिकायत करें। कार्रवाई की जाएगी।
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