विशिष्ट लोगों के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित करने के बाद वहां मौजूद लोगों में पुष्प चढ़ाने के लिए होड़ मच गई। इससे अफरातफरी हो गई। इस पर सीएम योगी आदित्यनाथ तत्काल उठकर पार्थिव शरीर के नजदीक पहुंचे और सुरक्षा कर्मियों को पंक्ति लगवाने के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय, प्रमुख सचिव, सूचना अवनीश अवस्थी और सूचना निदेशक उज्ज्वल कुमार ने आगे आकर व्यवस्था बनवाई। इससे पहले सीएम योगी ने सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव का हाथ पकड़कर उन्हें पार्थिव शरीर के नजदीक तक पहुंचाया।
विधानभवन में पुष्पांजलि कार्यक्रम के बीच में बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन पहुंचे। उनके लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी कुर्सी छोड़ दी। वे बराबर में बैठे विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित की कुर्सी पर आ गए। दीक्षित भी एक कुर्सी आगे खिसक गए।
नारायण दत्त तिवारी के भाई 90 वर्षीय प्रो. रमेश चंद्र तिवारी भी अपने परिवार के साथ एनडी के अंतिम दर्शन के लिए विधान भवन पहुंचे। प्रो. तिवारी ने कहा कि पिछले चार साल में कई बार भाई से मिलने की इच्छा हुई, पर नहीं मिलने दिया गया। अस्पताल में भर्ती भाई से मिलने का प्रयास किया, पर सफल नहीं हुए। उन्होंने बिना नाम लिए इसके लिए अंतिम वर्षों में स्व. तिवारी की देखभाल करने वाले लोगों को जिम्मेदार ठहराया।
विधान भवन में सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव जहां बैठे थे, वहां उज्ज्वला शर्मा तिवारी और रोहित शेखर तिवारी पहुंचे। मुलायम ने उनके सिर पर हाथ रखा। रोहित तो कुछ देर तक मुलायम के कान में कुछ कहते भी रहे। इस दौरान डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा भी पास में ही बैठे थे।