कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी सात माह बाद भी नहीं गठित हो सकी है। कार्यकारिणी का फैसला करीब डेढ़ माह से आलाकमान के पास अटका है।
अब यह कहा जा रहा है कि सोनिया गांधी के बीमार होने के चलते वे एआईसीसी की बैठक में नहीं शामिल हो पा रही हैं। इसलिए निर्णय अटका है। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री जनवरी में ही कार्यकारिणी गठित होने की बात कर रहे हैं।
लोकसभा चुनाव में प्रदेश में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद ही आला कमान ने प्रदेश कार्यकारिणी के साथ ही जिला व शहर इकाइयां भंग कर दी थीं। अब तक ज्यादातर शहर व जिला इकाइयां गठित भी हो चुकी हैं। लेकिन अभी तक प्रदेश अध्यक्ष अपनी टीम नहीं बना पाए हैं।
सूत्रों के मुताबिक प्रदेश अध्यक्ष ने यूपी प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री के साथ चर्चा कर कार्यकारिणी का स्वरूप तय कर लिया है। इसे एआईसीसी की अध्यक्ष सोनिया गांधी के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है। लेकिन करीब डेढ़ महीने से यह फाइल वहीं दबी हुई है।