पार्टी सूत्रों का कहना है कि हाईकमान ने राजबब्बर को भी हटाने का मन बना लिया है। उनके स्थान पर राज्यसभा सांसद पीएल पुनिया को यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। पुनिया अनुसूचित जाति से हैं।
हाईकमान का मानना है कि इससे कांग्रेस को इस वर्ग को भी अपने से जोड़ने में मदद मिलेगी। यहां बता दें कि 80 के दशक तक अनुसूचित जाति के मतदाता कांग्रेस का ही परंपरागत वोट बैंक थे।
90 के दशक में कांग्रेस और बसपा के गठजोड़ के बाद यह वर्ग कांग्रेस से अलग होकर बसपा के साथ चला गया। तब से कांग्रेस की हालत भी यूपी में पतली हो गई। लाख कोशिशों के बावजूद इसमें सुधार नहीं हुआ। पुनिया के तौर पर कांग्रेस को एक आशा की किरण दिख रही है।
कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग के यूपी प्रभारी अनिल सैनी ने कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा को पूर्वी यूपी का प्रभारी बनाए जाने से पूरे प्रदेश पर सकारात्मक असर पड़ेगा। अभी तक कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश में खुद को असहाय महसूस कर रहे थे, प्रियंका के आने से उनमें नई ऊर्जा का संचाल हुआ है। पिछड़ा वर्ग भी कांग्रेस की ओर अधिकाधिक आकर्षित होगा।