प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर ने कहा कि जब से भाजपा केंद्र सरकार में आई है तब से एक सूत्री कार्यक्रम है दगाबाजों की फौज इकट्ठा करना। उनके वजनदार अध्यक्ष को केवल यही काम दिया गया है।
वह दगाबाजों की फौज एकत्र करने में कामयाब भी हो रहे हैं। जहां तक रीता बहुगुणा जोशी के जाने का सवाल है तो इससे कांग्रेस पार्टी में कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
इतिहास की प्रोफेसर रही रीता बहुगुणा जोशी ने अपने परिवार के इतिहास को ही दोहराया है। उनके परिवार में पाला बदलने की यह चौथी-पांचवी घटना है। मुझे केवल इसी बात का दुख है कि हमसे व हमारे नेतृत्व से कहा गया कि है कि वे बीमार है।
हमारे नेतृत्व के अंदर कितनी संवेदनशीलता है कि लगातार मीडिया में आ रही खबरों का भी संज्ञान न लेते हुए इनकी बात को माना। विजय बहुगुणा के कांग्रेस से जाने से जब वहां कोई फर्क नहीं पड़ा तो फिर यहां पर रीता बहुगुणा जोशी के जाने से सूबे में भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
'धर्मनिरपेक्ष ताकतों के साथ विश्वासघात'
वहीं, कांग्रेस कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन सत्यदेव त्रिपाठी ने कहा कि डॉ. रीता बहुगुणा जोशी का भाजपा में शामिल होना राष्ट्रीय आदर्शों और धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों के प्रति विश्वासघात है।
उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से पार्टी के भीतरी रहस्यों से भाजपा को अवगत कराकर वे भितरघात में शामिल थीं। उन्होने यह सिद्ध कर दिया कि वे कितने ओछे विचार की स्वार्थी और महत्वाकांक्षी महिला हैं।
रीता बहुगुणा व विजय बहुगुणा के डीएनए में है गड़बड़ी
कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता प्रदीप माथुर ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि रीता बहुगुणा जोशी व विजय बहुगुणा के डीएनए में ही गड़बड़ी है। उन्होंने कहा कि मुझे इनके व्यवहj से यह अहसास था कि यह फितरती महिला हैं। विजय बहुगुणा के बाद अब रीता बहुगुणा जोशी ने कांग्रेस की पीठ पर छुरा भोंका है।
रीता को पार्टी ने सबसे ज्यादा दिया
कांग्रेस अनुशासन समिति के चेयरमैन रामकृष्ण द्विवेदी ने कहा कि रीता बहुगुणा जोशी के वे आरोप निराधार हैं जिसमें उन्होंने कहा है कि पार्टी ने उनकी अनदेखी की है। कांग्रेस ने उन्हें दो-दो बार पार्लियामेंट का चुनाव लड़ाया। राष्ट्रीय महिला कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया। इसके बाद उन्हें प्रदेश कांग्रेस का पद दिया।
पार्टी ने ही उन्हें विधानसभा में टिकट देकर विधायक बनवाया। राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद पर भी उन्हें बैठाया। कल तक वे राहुल गांधी के गुणगान करते नहीं थकती थीं आज वह उन्हें असफल बता रही हैं।
रीता के जाने से नहीं पड़ेगा फर्क
कांग्रेस कम्युनिकेशन विभाग के वाइस चेयरमैन व कैंट विधानसभा निवासी वीरेन्द्र मदान ने कहा कि रीता बहुगुणा जोशी के जाने से पार्टी में कोई फर्क नहीं पड़ेगा। पार्टी जिसे भी टिकट देगी वहां के कार्यकर्ता उसे जिताने के लिए जी-जान से लग जाएंगे। कांग्रेसी नेता जीशान हैदर ने भी कहा कि पार्टी का कार्यकर्ता कांग्रेस के साथ है न कि किसी नेता के साथ।