कांग्रेस ने अलीगढ़ में पुलिस कप्तान की मौजूदगी में मीडियाकर्मियों को बुलाकर दो अपराधियों के एनकाउंटर की पटकथा पर सवाल उठाए हैं। मीडिया कोआर्डिनेटर राजीव बख्शी ने कहा कि यह आकस्मिक मुठभेड़ से इतर पुलिस व सरकार का पूर्व नियोजित आयोजन लगता है।
बख्शी ने कहा कि मानवाधिकारों के लिए जिम्मेदार सरकार और पुलिस जब मौत की रिकॉर्डिंग का आमंत्रण दे तो यह कृत्य मानवता को शर्मसार करने वाला हो जाता है। मौत का ऐसा फिल्मांकन करना एक लेाकतांत्रिक एवं सभ्य समाज को शोभा नहीं देता।
आपको बता दें कि एनकाउंटर किए जाने को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग इस मामले में यूपी सरकार को कई नोटिस जारी कर चुका है लेकिन फिर भी एनकाउंटर रोकने के लिए सरकार ने कोई संकेत नहीं दिए हैं।
कांग्रेस ने कहा कि लगता है सरकार ये भूल गई है कि देश में न्यायिक व्यवस्था के संचालन के लिए इंडियन पीनल कोड व भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता है। सरकार किसी भी नागरिक को उसके जीवन अधिकार से वंचित नहीं कर सकती। भारतीय संविधान ने न्यायालयों को कानून के संरक्षण व सजा के लिए अधिकार दिये हैं। सरकार या पुलिस को नहीं।