फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कांग्रेस ने मिशन यूपी पर शुरू किया काम, जिलों में छोटी व जुझारू टीमों को सौंपेगी जिम्मेदारी

Fri, 01 Nov 2019 02:06 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
कांग्रेस (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश में अपनी खोई राजनीतिक जमीन पाने के लिए कांग्रेस जल्द जिला कमेटियों के गठन करेगी।  पार्टी में प्रदेश अध्यक्ष बदलने के मद्देनजर अब हर स्तर पर जुझारू व लड़ाकू टीम बनाने पर विचार किया जा रहा है। खासतौर पर जिला स्तरीय टीम को मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए उसके आकार को पहले की तुलना में छोटा और टीम में सिफारिशी लोगों को जगह देने के बजाय जुझारू व आंदोलनकारी युवकों को तरजीह देने का फैसला किया गया है।

विज्ञापन


वहीं, इसमें सामाजिक समीकरणों पर भी फोकस रहेगा। यह फैसला बृहस्पतिवार को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सभी पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
बैठक में संगठन को मजबूत करने और पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दिए जाने पर भी चर्चा हुई।

इसके बाद पदाधिकारियों को कार्य क्षेत्र और प्रत्येक सचिवों को प्रभारी के तौर पर जिलों और महासचिवों को जोन का आवंटन किया गया। वहीं यह भी निर्णय लिया गया है कि जल्द ही संगठन का गठन कर जनकल्याणकारी मुद्दों के आधार पर कार्यक्रम किए जाएंगे। बैठक में वीरेंद्र चौधरी, पंकज मलिक, ललितेश पति त्रिपाठी, दीपक कुमार, आलोक कुमार समेत कई लोग मौजूद थे।

विज्ञापन

 
Trending Videos
विज्ञापन

कांग्रेस इन मुद्दों पर करेगी आंदोलन

आर्थिक मंदी के खिलाफ 10 दिनी कार्यक्रम
आर्थिक मंदी के खिलाफ राष्ट्रीय नेतृत्व के 10 दिनी कार्यक्रम की घोषणा भी बैठक में की गई। इसके तहत केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ प्रदेश के सभी जिलों में 5 नवंबर से धरना-प्रदर्शन, नुक्कड़ सभा, किसानों के बीच जन सुनवाई समेत कई और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ये कार्यक्रम 15 नवंबर तक होंगे। इसके लिए बैठक में पदाधिकारियों को जिलेवार जिम्मेदारी सौंपी गई।

प्रदेश में कानून-व्यवस्था, किसानों की कर्जमाफी, उचित फसल मूल्य, सहकारी समितियों में भ्रष्टाचार, बिजली दरों में वृद्धि, बंद चीनी मिल, आलू किसानों व बुनकरों की समस्याएं, कांग्रेस कार्यकाल में शुरू की गई सिंचाई योजनाओं, पीतल व चमड़ा जैसे लघु उद्योगों की समस्याओं और गन्ना मूल्य में वृद्धि जैसे मुद्दों पर आंदोलन करने की रणनीति तैयार की गई है।

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें