कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी
कांग्रेस यूपी में भाजपा विरोधी गठबंधन का हिस्सा रहेगी या नहीं, इसे लेकर पहले भी स्थिति साफ नहीं थी। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान विधानसभा के चुनावों ने कांग्रेस और सपा-बसपा के नजदीक आने की संभावनाओं को धूमिल किया है। तीनों राज्यों में कांग्रेस ने सपा या बसपा से गठबंधन नहीं किया है।
इसके जवाब में यूपी में सपा-बसपा उसे गठबंधन से अलग रख सकते हैं। तीनों राज्यों में मायावती व अखिलेश यादव के तल्ख तेवरों से इसके संकेत भी मिल रहे हैं। मायावती कह चुकी हैं कि कांग्रेस उन्हें कमजोर करना चाहती थी, जबकि अखिलेश कांग्रेस पर घमंडी होने के आरोप लगा चुके हैं।
सपा-बसपा व रालोद के संभावित गठबंधन को लेकर तीनों ही दलों के नेता अधिकृत तौर पर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं, लेकिन उनका मानना है कि गठबंधन होना लगभग तय है। सूत्रों का कहना है कि अमेठी व रायबरेली सीट कांग्रेस के लिए छोड़ी जाएगी। बाकी 78 सीटों पर गठबंधन चुनाव लड़ेगा। सबसे बड़ी हिस्सेदारी बसपा की रहेगी। उसका दावा आधी सीटों पर है।
इसके बाद सपा का नंबर रहेगा। रालोद को तीन सीटें दिए जाने की चर्चा है। आम तौर पर 2014 के लोकसभा चुनाव के परिणाम को आधार बनाकर सीटों का बंटवारा होगा, लेकिन इसे नजीर नहीं बनाया जाएगा। कई जगह राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार सीटों की अदला-बदली की जाएगी।