भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी और आरएसएस को लेकर सांप्रदायिक ट्वीट करने वाले कांग्रेसी नेता अमरेश मिश्रा को बुधवार शाम साइबर क्राइम सेल की टीम ने गुड़गांव में गिरफ्तार कर लिया।
अमरेश के खिलाफ मंगलवार रात इंस्पेक्टर अशोक कुमार वर्मा ने हजरतगंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने उसका ट्विटर अकाउंट ब्लॉक करा दिया है।
साइबर क्राइम सेल की टीम अमरेश को लेकर बृहस्पतिवार दोपहर राजधानी पहुंचेगी। मूल रूप से इलाहाबाद निवासी अमरेश ने बीते दो दिन में अपने ट्विटर अकाउंट से कई आपत्तिजनक ट्वीट किए थे।
धार्मिक कटुता फैलाने का आरोप
हजरतगंज कोतवाली के इंस्पेक्टर ने बताया कि अमरेश ने अपने ट्वीट के माध्यम से धार्मिक कटुता फैलाई है। इंस्पेक्टर ने अपनी तरफ से एफआईआर दर्ज कराते हुए अमरेश का ट्विटर अकाउंट ब्लाक करा दिया था।
साइबर क्राइम को जांच सौंपी गई थी। अमरेश के मोबाइल की लोकेशन गुड़गांव में मिलने के बाद साइबर क्राइम सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर सुरेश चंद्र मालवीय व दरोगा श्यामजी त्रिपाठी सिपाहियों के साथ गुड़गांव रवाना हो गए थे।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि शाम को अमरेश मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया। उसे ट्रांजिट रिमांड पर राजधानी लाया जाएगा।
कौन है अमरेश मिश्रा
अमरेश मिश्रा इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सीपीआई-एमएल (लिबरेशन) का स्टूडेंट लीडर था। कांग्रेस ने उसे अपने एंटी कम्युनल फ्रंट का यूपी कनवेनर भी बनाया था।
अमरेश फायर ऑफ ग्रेस: दि स्टोरी ऑफ इट्स रिनॉसेंस, रिवोल्यूशन एंड दि ऑफ्टरमथ, मंगल पांडे: दि ट्रू स्टोरी ऑफ एन इंडियन रिवोल्यूशनरी समेत चार किताबें लिख चुके हैं।
उर्दू प्रेस क्लब ने 2007 में उसे जसरत अवार्ड दिया था। अमरेश हाल ही में प्रदर्शित सैफ अली खान की फिल्म बुलेट राजा के सहपटकथा लेखक भी थे।
बुलेट राजा की स्क्रिप्ट को लेकर हुए विवाद में उनके खिलाफ राहुल मिश्रा ने हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर भी दर्ज कराई थी।