सपा व कांग्रेस के बीच गठबंधन अमेठी व रायबरेली जिले में ही फेल हो रहा है। कांग्रेस ने यहां बची हुई दो सीटें अमेठी व ऊंचाहार से भी अपने प्रत्याशियों को टिकट दे दिया है।
ऊंचाहार सीट से कांग्रेस के अजय पाल सिंह ने तो सोमवार को नामांकन भी कर दिया। अब सपा के लिए यहां एक भी सीट नहीं बची, जबकि सपा यहां से तीन सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर चुकी है।
अमेठी व रायबरेली कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व उपाध्यक्ष राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र हैं। इसलिए सपा ने गठबंधन के बाद अमेठी व रायबरेली की कुल 10 सीटों में से सात सिटिंग विधायक होने के बावजूद यहां से केवल तीन सीटों पर ही अपने प्रत्याशी उतारे थे।
इनमें अमेठी से प्रदेश सरकार के मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति, ऊंचाहार से मंत्री मनोज पांडेय व गौरीगंज से राकेश प्रताप सिंह को टिकट दिया है।
इन्हें यहां से दिया गया टिकट
- फोटो : amar ujala
कांग्रेस ने रविवार को सबसे पहले गौरीगंज से मो. नईम को टिकट दिया। इसके बाद सोमवार को अमेठी से संजय सिंह की पत्नी अमीता सिंह व ऊंचाहार से अजय पाल सिंह को टिकट दे दिया है।
टिकट मिलते ही सोमवार को उन्होंने अपना नामांकन दाखिल कर दिया। जबकि अमेठी से अमीता सिंह नौ फरवरी को नामांकन करेंगी।
वहीं भाजपा ने अमेठी सीट से संजय सिंह की पहली पत्नी गरिमा सिंह को टिकट दिया है। ऐसे में अब इस सीट से संजय सिंह की दोनों पत्नियों गरिमा सिंह व अमीता सिंह के अलावा सपा सरकार के मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति मुकाबला करेंगे।
दबाव की हो रही है राजनीति
गठबंधन के बावजूद अमेठी व रायबरेली की सभी विधानसभा सीटों पर कांग्रेस के चुनाव लड़ने के पीछे दबाव की राजनीति मानी जा रही है। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अपना गढ़ बचाने के लिए इस दबाव में आ रहे हैं। दबाव इसलिए बनाया जा रहा है कि यदि सीट छोड़नी भी पड़े तो सरकार बनने पर इसके एवज में विधानपरिषद आदि का इनाम मिल जाए।
गायत्री से 2012 में हारी थीं अमीता
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वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में संजय सिंह की पत्नी अमीता सिंह सपा नेता गायत्री प्रजापति से 8760 मतों से हारी थीं। अमीता सिंह को 49674 मत मिले थे। जबकि गायत्री को 58434 वोट मिले थे।
इस बार संजय सिंह की पहली पत्नी गरिमा सिंह भी चुनाव मैदान में हैं। अमेठी सीट के लिए नौ फरवरी तक नामांकन होने हैं, जबकि 13 फरवरी को नाम वापसी होगी।
सपा ने आधा दर्जन पर की कार्रवाई, कांग्रेस मौन
सपा ने गठबंधन के प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव मैदान में डटे आधा दर्जन प्रत्याशियों को बाहर का रास्ता दिखाकर कार्रवाई की है।
बाराबंकी की जैदपुर सीट से विधायक राम गोपाल रावत, शामली से मनीष चौहान, गंगोह से इन्द्रसेन व पुरकाजी से उमा किरण को पार्टी से निकाला है। जबकि कांग्रेस ने अभी तक किसी पर भी कार्रवाई नहीं की।
लखनऊ की मध्य सीट से सपा सरकार के मंत्री रविदास मेहरोत्रा के खिलाफ कांग्रेस के मारूफ खान चुनाव मैदान में हैं। कानपुर की आर्यनगर सीट से भी पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल के भाई प्रमोद जायसवाल चुनाव मैदान में हैं। इन दोनों ने ही नाम वापस नहीं लिया है।