कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी।
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उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की घोषणा इसी सप्ताह होने की पूरी संभावना है। इसके लिए होमवर्क पूरा कर लिया गया है। नई कमेटी में युवाओं और दलितों व पिछड़ों की भागीदारी 50-50 प्रतिशत होगी। महिलाओं की हिस्सेदारी भी पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा होगी।
कांग्रेस हाईकमान ने करीब छह महीने पहले प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी के साथ छह प्रांतीय अध्यक्ष नामित कर दिए थे। लेकिन अभी तक नई प्रदेश कांग्रेस कमेटी का गठन नहीं हुआ है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश कमेटी के गठन के लिए नामों को अंतिम रूप दे दिया गया है। सिर्फ इसकी औपचारिक घोषणा होना भर बाकी है। नई कमेटी में कई पुराने पदाधिकारी नहीं दिखेंगे। अपेक्षित सक्रियता न पाए जाने पर उन्हें बाहर करने का फैसला किया गया है। इनमें कई पदाधिकारी तो ऐसे हैं, जो काफी वरिष्ठ हैं।
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इसके उलट जिलों में सक्रिय कई कार्यकर्ताओं को कमेटी में अहम स्थान मिल सकता है। उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी जहां वरिष्ठ नेताओं को मिलेगी, वहीं सचिव व महासचिव अपेक्षाकृत नए कार्यकर्ता होंगे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी में जो भी पदाधिकारी होंगे, उन्हें अपने कामकाज की मासिक रिपोर्ट संगठन को देनी होगी। अपेक्षित सक्रियता न पाए जाने पर भविष्य में उनके स्थान पर किसी अन्य नेता को शामिल किया जा सकेगा।
50 साल से कम उम्र के होंगे 50 फीसदी पदाधिकारी
कमेटी के गठन में राजस्थान में हुए चिंतन शिविर की घोषणाओं का पूरा ख्याल रखा जाएगा। इसके तहत 50 फीसदी पदाधिकारी 50 साल से कम उम्र के होंगे। सामाजिक न्याय के लिहाज से आरक्षित वर्गों के नेताओं व कार्यकर्ताओं को भी पर्याप्त स्थान मिलेगा। कोशिश ये है कि प्रमुख जातियों का प्रतिनिधित्व कमेटी में रहे, ताकि इसे एक संतुलित कमेटी के रूप में देखा जाए।