अंतिम चरण का चुनाव कांग्रेस के लिए सम्मान बचाने की चुनौती बन गया है। पूर्वांचल की 18 सीटों पर हो रहे चुनाव में पिछली बार कांग्रेस के पास मात्र तीन सीटें थीं।
इनमें एक सीट डुमरियागंज के सांसद रहे जगदंबिका पाल, जो अब भाजपा के टिकट से चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस अपनी सीटें बचाने की कोशिश में लगी हुई है।
वर्ष 2009 के चुनाव के लिहाज से पूर्वांचल की सीटों को देखा जाए तो कांग्रेस के पास डुमरियागंज, महाराजगंज व कुशीनगर की सीटों पर ही विजय मिली थी।
कांग्रेस ने इस बार डुमरियागंज में भाजपा के बांसी से विधायक जय प्रताप सिंह की पत्नी वसुंधरा को टिकट दिया है। इनका मुकाबला भाजपा के जगदंबिका पाल से है।
जबकि महराजगंज व कुशीनगर में मौजूदा सांसदों हर्षवर्द्धन व रतनजीत प्रताप नारायण सिंह को उतारा है। इसके अलावा सलेमपुर सीट ही ऐसी है जहां कांग्रेस के प्रत्याशी भोला पांडेय चुनाव मैदान में हैं।
पिछले लोकसभा चुनाव में वे दूसरे स्थान पर रहे थे। वर्ष 2009 में घोसी से चुनाव लड़ने वाली सुधा राय इस बार बलिया से अपनी किस्मत आजमा रही हैं।
इनके अलावा गोरखपुर, देवरिया, बासगांव, मिर्जापुर व राबर्ट्सगंज ऐसी लोकसभा सीटें हैं जहां पर कांग्रेस पिछले चुनाव में चौथे स्थान पर रही थी।
हालांकि वाराणसी के चुनाव में तस्वीर कुछ अलग है। पिछले चुनाव में कांग्रेस यहां चौथे स्थान पर रही थी।
लेकिन इस बार उसने अपने विधायक अजय राय को मैदान में उतारा है। पिछले चुनाव में अजय राय सपा के टिकट से चुनाव लड़े थे और वे तीसरे स्थान पर रहे थे।