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मोदी के 'मुद्दों' पर ही भाजपा को घेर रही कांग्रेस

Thu, 03 Jul 2014 11:19 AM IST
राकेश वर्मा/अमर उजाला, लखनऊ
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केंद्र में सत्ता बदली तो नजारा भी बदल गया। पहले जहां भाजपा सड़कों पर उतर यूपीए सरकार को घेरती थी वहीं अब ये काम कांग्रेसी कर रहे हैं वो भी उन्हीं मुद्दों पर जो कभी भाजपा के थे।
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आमचुनाव में प्रचार के दौरान भाजपा ने महंगाई और कुप्रशासन का मुद्दा उठा केंद्र में सत्ता पाने तक का सफर तय किया।

भले ही कांग्रेस को एनडीए के एक महीने के शासन में प्रशासन पर सवाल करने का कोई मुद्दा न मिला हो पर कांग्रेस ने महंगाई पर केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।

बुधवार दोपहर को लखनऊ में पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस के दामों में बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेसियों ने मोदी का पुतला फूंका और उन्हें 'महंगाई का सरगना' कहा।

पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की

हालांकि विधानभवन के सामने विरोध-प्रदर्शन करने निकले कांग्रेसियों को पुलिस ने बुधवार दोपहर उनके दफ्तर से चंद कदम दूर ही घेर लिया।

कांग्रेसियों की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने कांग्रेसियों को माल एवेन्यू स्थित लाल बहादुर शास्त्री रोड से आगे नहीं बढ़ने दिया।

इसके बाद कांग्रेसियों ने कीमतों में वृद्धि के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंककर नारेबाजी की।

कांग्रेस की शहर कमेटी के निवर्तमान अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव एवं जिलाध्यक्ष विजय बहादुर के नेतृत्व में पूर्व विधायक श्याम किशोर शुक्ल, प्रदेश प्रवक्ता वीरेंद्र मदान, रमेश श्रीवास्तव समेत कई कार्यकर्ता सड़क पर उतरे।

राज्य सरकार ने भी उठाए कदम

वहीं आलू-प्याज की जमाखोरी के खिलाफ राज्य सरकार ने भी कड़े कदम उठाना शुरू कर दिया है।

केंद्र के आलू-प्याज की कालाबाजारी व जमाखोरी रोकने के फैसले के तुरंत बाद प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने भी जिलाधिकारियों व मंडलायुक्तों को ऐसे ही निर्देश दिए हैं।

निर्देशों में कहा गया है कि कोल्डस्टोरों का आकस्मिक निरीक्षण कर वहां का स्टॉक चेक किया जाए। कोल्डस्टोरों से निकासी और आलू-प्याज की आवाजाही पर भी नजर रखी जाए।

थोक व फुटकर भावों के अंतर पर नजर रखने के साथ इनका प्रतिदिन विश्लेषण हो।
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इस तरह महंगाई नियंत्रित कर रही यूपी सरकार

मुख्य सचिव ने बाजार की निगरानी के लिए राज्य औद्यानिक विपणन संघ (हाफेड) को नोडल एजेंसी नामित की है और कहा है कि आलू-प्याज की निकासी-आवक के साथ ही जमाखोरी व कालाबाजारी पर भी नजर रखी जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी के मद्देनजर जुलाई से अक्टूबर तक प्याज की आपूर्ति बनाए रखने के लिए नेफेड से संपर्क करें।

साथ ही उससे पूछे कि वह किन शर्तों पर जुलाई से अक्टूबर तक प्रदेश में आवश्यकता के अनुसार प्याज की उपलब्धता रख सकता है।

इस सिलसिले में पीसीएफ, यूपी एग्रो तथा हाफेड से भी संपर्क कर रणनीति तैयार की जाए।
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