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बड़ा सवाल: अध्यक्ष पद के लिए अड़े अखिलेश-शिवपाल, क्या होगा फैसला

Sat, 17 Sep 2016 02:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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अखिलेश यादव व शिवपाल यादव - फोटो : amar ujala
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समाजवादी पार्टी और सरकार में चल रहे घमासान को थामने के लिए जहां शिवपाल यादव को सभी विभाग वापस होंगे, वहीं भ्रष्टाचार में बर्खास्त गायत्री प्रजापति की कैबिनेट में वापसी होगी।
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सीएम अखिलेश व शिवपाल से बातचीत करने के बाद शुक्रवार को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने विवाद के समाधान का फॉर्मूला तैयार कर लिया। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष पद पर अभी भी गतिरोध बना हुआ है।

अखिलेश फिर से प्रदेश अध्यक्ष बनना चाहते हैं तो शिवपाल भी यह पद छोड़ना नहीं चाहते हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने शाम को गायत्री की वापसी और शिवपाल को विभाग वापस मिने की पुष्टि की। इस बीच, मुलायम ने कहा कि हमारे रहते पार्टी में फूट नहीं पड़ सकती। अखिलेश, शिवपाल और रामगोपाल एक हैं।
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शिवपाल का मंत्री पद से इस्तीफा तो बृहस्पतिवार रात को ही वापस कर दिया गया था, लेकिन इससे पैदा हुए संकट को टालने की कोशिशें शुक्रवार को दिन भर चलीं। मुलायम ने सुबह शिवपाल व अखिलेश से अलग-अलग बातचीत की। दोपहर बाद दोनों को एक साथ बुलाया। इसमें कुछ मुद्दों पर सहमति बनी। विवाद निपटाने के फॉर्मूले पर मुलायम सिंह शनिवार को आखिरी मुहर लगा सकते हैं।

'अध्यक्ष पद से हटाने के पहले पूछा क्यों नहीं गया'

पार्टी सूत्रों के मुताबिक अखिलेश को इस बात पर नाराजगी है कि  अध्यक्ष पद से हटाने से पहले उन्हें पूछा तक नहीं गया। इससे पहले मुलायम ने शिवपाल से छीने गए विभाग वापस लेने और गायत्री को फिर से मंत्री बनाने के लिए कहा था।

संभावना है कि जल्द ही कैबिनेट विस्तार होगा। गायत्री के साथ ही एक-दो और मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है। माना जा रहा है कि शिवपाल को उनके विभाग देने के साथ ही अखिलेश को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर पार्टी व सरकार में चार दिन पुरानी स्थिति बहाल कर दी जाएगी।

बाप-बेटे में नहीं होते स्थायी मतभेद
सपा मुख्यालय पहुंचे मुलायम ने अखिलेश के साथ मतभेद की खबरों पर विराम लगा दिया। कहा, बाप-बेटे में मतभेद होते हैं क्या? अखिलेश हमसे मिलकर गए हैं, बताओ क्या मतभेद होंगे? कहा कि बाप-बेटे में थोड़ा बहुत चलता है, लेकिन स्थायी मतभेद नहीं होते। फिर हम तो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। अखिलेश हमारी कोई बात नहीं टालेंगे।
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मैंने कई मुख्यमंत्री देखे हैं...कुर्सी पर बैठते ही घूमने लगते हैं...अहं ठीक नहीं

-शिवपाल ने सलाह दी है कि कुर्सी पर बैठकर सबकी सुननी चाहिए, सबको साथ लेकर चलना चाहिए। सूबे में मैंने कई मुख्यमंत्री देखे हैं। कुर्सी पर बैठते ही घूमने लगते हैं। आप जनता की सेवा के लिए बने हो, अहम नहीं आना चाहिए। अखिलेश में अनुभव की कमी है। उन्हें अभी और अनुभव लेना चाहिए। मुझसे भी बहुत कुछ सीखना चाहिए। मुझसे भी अध्यक्ष पद से ऐसे ही इस्तीफा लिया था, मैंने तो उफ तक नहीं की थी।

असली सवाल : टिकट कौन बांटेगा?
अखिलेश चाहते हैं टिकट बांटने का हक
सीएम अखिलेश को मुलायम की सब बातें मंजूर हैं, वे सिर्फ चुनाव में टिकट बांटने का हक चाहते हैं। एक कार्यक्रम में अखिलेश ने यह खुलासा भी किया।
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