लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग की ओर से 13 और 14 मार्च को पर्यावरण के लिए भू-विज्ञान और जलवायु परिवर्तन विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन होगा। इस दौरान शोध संस्थानों के वैज्ञानिकों, शिक्षकों और शोधार्थियों की ओर से 100 से अधिक शोध-पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। सम्मेलन में 29 विश्वविद्यालयों तथा लगभग 20 प्रमुख राष्ट्रीय शोध संस्थानों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
भूविज्ञान विभाग के प्रो. ध्रुव सेन सिंह ने बताया कि सम्मेलन का नाम जियोकोन-2026 है। इसका उद्देश्य देशभर के वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और युवा शोधार्थियों को साझा मंच प्रदान करना है, जहां वे भूविज्ञान के नवीनतम अनुसंधानों व जलवायु परिवर्तन और सतत पर्यावरणीय प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श कर सकें।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक प्रो. टीएन सिंह, सीएसआईआर-उत्तर पूर्व विज्ञान व प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक डॉ. वीएम तिवारी, सीएसआईआर-राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. सुनील कुमार सिंह, परमाणु खनिज अन्वेषण व अनुसंधान निदेशालय के निदेशक डॉ. धीरज पांडेय, राष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान अध्ययन केंद्र के निदेशक प्रो. एनवी चालपति राव, इंटर यूनिवर्सिटी एक्सेलरेटर सेंटर के निदेशक प्रो. एसी पांडेय मौजूद रहेंगे।