लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने हुसैनगंज स्थित चुटकी भंडार बालिका इंटर कॉलेज में जर्जर और खतरनाक भवन में छात्राओं को पढ़ाई कराए जाने के मामले में मांगा गया जवाबी हलफनामा न दाखिल करने पर लखनऊ के जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को सात अप्रैल को तलब किया है।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने यह आदेश विजय कुमार पांडेय की जनहित याचिका पर दिया। इसके पहले की सुनवाई में कोर्ट ने कॉलेज प्रबंधन को नोटिस जारी करने का भी आदेश दिया था। कोर्ट ने पूछा था कि यदि भवन की हालत वाकई जर्जर है, तो क्या इससे वहां पढ़ने वाले बच्चों और शिक्षकों को खतरा हो सकता है। कोर्ट ने बीती नौ जनवरी को डीआईओएस को यह भी निर्देश दिया था कि वे जवाबी हलफनामा दाखिल कर स्पष्ट करें कि उन्होंने इस संबंध में क्या कदम उठाया है।
जर्जर काॅलेज भवन को ध्वस्त कराने की मांग
याचिका में कहा गया कि विद्यालय का भवन सौ वर्ष से अधिक पुराना है। इसे लोक निर्माण विभाग और नगर निगम की ओर से कई बार असुरक्षित घोषित किया जा चुका है। भवन की दीवारों में दरारें हैं, छत गिरने की स्थिति में है और आधार संरचना कमजोर हो चुकी है। वर्षा में यह खतरा और बढ़ जाता है। इसके बावजूद विद्यालय में नियमित कक्षाएं और नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी है। ऐसे में याचिका में मांग की गई है कि जर्जर भवन में तत्काल शैक्षणिक गतिविधियां रोकी जाएं। छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों को सुरक्षित वैकल्पिक स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। खतरनाक भवन को ध्वस्त कराया जाए तथा नए सुरक्षित भवन के निर्माण और प्रमाणन तक विद्यालय संचालन पर रोक लगाई जाए।