विस चुनाव 2012 में कांग्रेस ने कैंट की महज एक सीट जीती थी और उसे 38.95 प्रतिशत वोट मिले थे। इसी तरह विस चुनाव 2017 में 50.90 प्रतिशत वोट मिले थे। साल 2019 मे कैंट सीट पर उपचुनाव हुआ तो कांग्रेस के दिलप्रीत को महज 17.51 प्रतिशत वोट ही मिले। अब साल 2022 के चुनाव में कांग्रेस के दिलप्रीत को महज 6510 वोट मिले।
पार्टी के लोग ही करते हैं टांग खिंचाई
राजीव गांधी पंचायती राज विभाग के चेयरमैन शैलेंद्र तिवारी कहते हैं कि पार्टी के लोग ही एक दूसरे की टांग खींचते हैं। हालत यह है कि आम कार्यकर्ता तो दूर की बात पदाधिकारी तक बड़े नेता से नहीं मिल पाते। वहीं मोहनलागंज सीट से चुनाव लड़ने कांग्रेस की ममता चौधरी बताती हैं कि ऐसे जानकारी मिली है कि पार्टी की लोगों ने भीतरघात किया। दूसरों का वोट दिया। ऐसे कैसे पार्टी जीतेगी, जितने कार्यकर्ता हैं उतने तक वोट नहीं मिले।