फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

16 हजार शिक्षक भर्ती की मेरिट में महात्मा गांधी टॉपर!

Thu, 18 Aug 2016 02:05 AM IST
सचिन त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
राजधानी के परिषदीय स्कूलों में शिक्षक भर्ती के लिए जारी मेरिट में सेकंट टॉपर के रूप में महात्मा गांधी का नाम दर्ज है। यहीं नहीं मेरिट में अभ्यर्थी के रूप में एबीसीडी, बीसीडीजी जैसे फर्जी आवेदकों के  नाम भी दर्ज हैं।
विज्ञापन


मेरिट इंडेक्स में ऐसे अभ्यर्थियों की रैंक काफी ऊंची है। अधिकारियों का मानना है कि यह मेरिट को अनावश्यक रूप से हाई करने की साजिश है। परिषदीय स्कूलों में शिक्षक पद पर तैनाती के लिए चल रही 16,448 शिक्षक भर्ती की काउंसलिंग लिस्ट में इस तरह के 20 से ज्यादा नाम हैं।

आवेदकों के नाम और ऊंची मेरिट इंडेक्स देखकर अधिकारी भी हैरान हैं कि आखिर पांच सौ रुपये आवेदन फीस जमा करने के बाद इस तरह के नामों से आवेदन करने का क्या तुक है।
विज्ञापन

पद भरने के लिए शुरु हुई काउंसलिंग

demo pic
लखनऊ में बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित स्कूलों में शिक्षकों के 33 पद भरने के लिए काउंसलिंग मंगलवार से शुरू हुई। बेसिक शिक्षा परिषद ने काउंसलिंग के लिए जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय को सूची भेजी है।

सूची में सबसे टॉप पर आवेदक के स्थान पर एक शख्स को मां की गाली लिखी हुई है। अभ्यर्थी के पिता के नाम पर एक अन्य गाली लिखी हुई है। रजिस्ट्रेशन संख्या-2900003192 से आवेदन करने वाले आवेदक की मेरिट इंडेक्स 94 दर्ज है।

इसके बाद रजिस्ट्रेशन संख्या-2900009090 पर मोहनदास गांधी और पिता के नाम के स्थान पर करमचंद गांधी दर्ज है। इसी तरह रजिस्ट्रेशन संख्या 2900016804 पर बीडीजीएच और रजिस्ट्रेशन संख्या 2900000423 पर एबीसीडी के नाम से आवेदन किया गया है।
विज्ञापन

फर्जी नामों के साथ ही नंबर बढ़ा-चढ़ाकर भरे

demo pic
अभ्यर्थियों ने फर्जी नामों से आवेदन करने के साथ ही नंबर भी बढ़ा-चढ़ाकर भरे हैं। अभ्यर्थियों की मेरिट बीटीसी, स्नातक, इंटरमीडिएट और हाईस्कूल में मिले अंकों के आधार पर तैयार की गई है। ऐसे में ये नाम मेरिट में टॉप रैंक पर हैं।

मामले पर जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण मणि त्रिपाठी का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने फर्जी नामों से आवेदन कर रखा है।

सूची में फर्जी नाम से आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या 20 से ज्यादा है। समझ में नहीं आता कि आखिर इस तरह फर्जी नामों से आवेदन करने के पीछे क्या मंशा रही होगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें