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जेल में बंद फर्जी राज्यमंत्री ने एक महिला से इस तरह ठगे करोड़ों रुपये

Thu, 06 Jul 2017 10:47 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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डेमो - फोटो : demo pic
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लखनऊ की हजरतगंज पुलिस ने अनेक व्यापारियों से करोड़ों की ठगी के आरोप में जेल में बंद फर्जी राज्यमंत्री अभिषेक निगम पर बुधवार को एक और केस दर्ज किया है। उसने एक महिला व उसके पार्टनर को विभिन्न जिलों में 14 करोड़ की साड़ियों के फर्जी सप्लाई आर्डर थमाकर 1.23 करोड़  की ठगी की।
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इसके बाद फर्जी चेक थमाए और भांडा फूटने पर तेजाब फेंकने की धमकी दी। सपा सरकार में अभिषेक के रुतबे के चलते सुनवाई न होने पर महिला ने कोर्ट में अर्जी दी थी। 

इंस्पेक्टर हजरतगंज आनंद कुमार शाही ने बताया कि इंदिरानगर के पटेलनगर निवासी सुष्मिता पांडेय ने राजाजीपुरम के टिकैतराय तालाब निवासी अभिषेक निगम व पटेलनगर के प्रवीण अरोड़ा पर 1.23 करोड़ की ठगी का आरोप लगाते हुए कोर्ट में अर्जी दी थी।
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सीजेएम के आदेश पर केस दर्ज किया गया है। सुष्मिता का कहना है कि सूरत के व्यापारी संजय जसानी ने उसे अपनी फर्म लक्ष्मीनारायण प्रिंट में पार्टनर बनाया था और कारोबार की जिम्मेदारी सौंपी थी।

पटेलनगर के जिस मकान में सुष्मिता रहती है उसी में अहमदाबाद का मूलनिवासी प्रवीण अरोड़ा भी किराएदार था। उसने सुष्मिता व संजय से नजदीकी बनाई। बताया कि शासन में मजबूत पकड़ रखने वाले राज्यमंत्री अभिषेक निगम से उसकी दोस्ती है। वह शासन से काम कराकर बड़ा फायदा पहुंचा सकते हैं। 
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पुल‌िस ने नहीं सुनी श‌िकायत

डेमो - फोटो : प्रतीकात्मक चित्र
सुष्मिता का कहना है कि प्रवीण ने सचिवालय ले जाकर उसकी मुलाकात अभिषेक निगम से कराई। अभिषेक ने अलीगढ़, एटा, हाथरस व कासगंज में ढाई करोड़ का काम दिलाने की बात कहकर 4 जून 13 को जारी शासन का पत्र दिया।

इसके बाद मुजफ्फरनगर के मुख्य विकास अधिकारी का 26 जून 14 का पत्र थमाया। इसमें 217 रुपये के हिसाब से 85 हजार साड़ियों की सप्लाई का आर्डर था। इसी तरह कौशांबी के डीएम का 12 जुलाई 13 व फतेहपुर के डीएम का 19 जुलाई 13 का पत्र थमाया।

इसमें पांच-पांच करोड़ की साड़ियों की सप्लाई का आर्डर था। इसके अलावा पंचायतीराज विभाग की तरफ से 4.5 करोड़ की साड़ियों की सप्लाई का आदेश थमाया। हजरतगंज कोतवाली में दर्ज कराए केस में सुष्मिता ने कहा कि करोड़ों की साड़ियों के सप्लाई आर्डर देने के दौरान अभिषेक निगम ने कहा कि काम का कमीशन देना पड़ेगा, क्योंकि कमीशन का पैसा शासन तक जाता है।

उसने सुष्मिता से 18 लाख व संजय जसानी से 30 लाख रुपये अपनी फर्म काव्या इंटरप्राइजेज में जमा कराए। इसके अलावा दोनों से 75 लाख रुपये अकड़िया के माध्यम से लिए। इस तरह 1.23 करोड़ रुपये देने के बाद भी सप्लाई आर्डर पूरे न होने पर सुष्मिता व संजय ने छानबीन की।

पता चला कि सबी आर्डर फर्जी थे। दोनों ने अभिषेक को उलाहना देते हुए केस दर्ज कराने की बात कही तो उसने 5 लाख, 38 लाख व 49 लाख के चेक थमाकर चलता कर दिया। तीनों चेक बाउंस होने पर अभिषेक ने कुछ दिन टालमटोल की। इसके बाद रकम के लिए चक्कर काट रहे सुष्मिता को तेजाब डालकर चेहरा बिगाड़ने की धमकी देकर भगा दिया। 

सुष्मिता का कहना है कि लालबत्ती की गाड़ी व गनर लेकर चलने वाले अभिषेक निगम द्वारा 1.23 करोड़ की ठगी पर उसने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन उसके रुतबे के आगे किसी ने सुनवाई नहीं की।

कुछ दिनों बाद उसका भांडा फूटा और संरक्षण देने वाले राजनेताओं द्वारा हाथ खींचे जाने पर पुलिस ने केस दर्ज करके अभिषेक को गिरफ्तार किया। इस पर उसने कोर्ट में अर्जी दी थी।  
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